Code on Social Security (Jharkhand) Rules, 2021
Full text and citation for Jharkhand's rules under the Code on Social Security, 2020, parsed verbatim from the official gazette PDF. Use the source PDF for reliance.
Full rule text
Main Graphic
- At the top are three visible lion heads arranged back-to-back:
- One lion faces forward in the center.
- Two lions are visible in profile on the left and right.
- The lions stand above a circular base.
- The carving style is bold, high-contrast, and ornamental, with detailed fur and stylized features.
Base
- Beneath the lions is a decorated pedestal/base.
- In the center of the base is a wheel with spokes, resembling the Ashoka Chakra.
- The wheel is enclosed within a circular form.
- Additional carved animal and ornamental shapes appear on both sides of the wheel.
Table
| Section | Description | |---|---| | Top | Three visible lion heads, one facing forward and two facing sideways | | Middle | Stylized carved lion bodies and central column-like structure | | Base | Ornamental pedestal with a spoked wheel in the center | | Text | सत्यमेव जयते |
डारखण्ड गजट
असाधारण अंक ड्जारखण्ड सरकार द्वारा प्रकाशित 13 श्रावण, 1943 (शौ) संख्या–394 राँची, बुधवार, 4 अगस्त, 2021 (ई०)
श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग
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अधिसूचना
3 अगस्त, 2021 संख्या-02/श्रमाकां-विविध (SS Code-20)-57/2020 शानि-802--
- (एक) ड्जारखण्ड कर्मकार प्रतिकर नियमावली, 1924;
- (दो) झारखण्ड प्रसूति प्रसुविधा नियमावली, 1964
- (तीन) उपदान संदाय (ड्जारखण्ड) नियमावली, 1972;
2 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
(चार) ड्डारखण्ड भवन और अन्य सल्लिमार्ण कर्मचार (नियोजन तथा सेवा- शर्तिनियमन) नियमावली, 2006; तथा (पाँच) झारखंड असंगठित कर्मचार सामाजिक सुरक्षा नियमावली, 2013 का अधिक्रमण करके राज्यपाल, जिस नियमावली का बनाने का प्रस्ताव करते हैं उसका निम्नलिखित प्रारूप सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 154 की उपधारा (1) एवं धारा 156 की उपधारा (1) की अपेक्षानुसार समस्त सम्बन्धित की सूचना के लिए और तत्सम्बन्ध में आपतियाँ और सुझाव आमंत्रित किये जाने की दृष्टि से एतद् द्वारा प्रकाशित किया जाता है; उक्त नियमावली से संबंधित समस्त आपतियाँ और सुझाव यदि कोई हों तो श्रमायुक्त, इंजरखण्ड, श्रम भवन, डोरण्डा, राँची को अथवा ई-मेल-jlcran721@gmail.com पर दो प्रतियों में प्रेषित किये जाने चाहिये। केवल उन्हीं आपतियों और सुझावों पर विचार किया जायेगा, जो इस अधिसूचना के प्रकाशित किये जाने के दिनांक से तीस दिन के भीतर प्राप्त होंगे ।
प्रारूप नियमावली
सामाजिक सुरक्षा (डारखण्ड) नियमावली, 2021
अध्याय-एक
प्रारम्भिक
संक्षित नाम और प्रारम्भ
-
- (1) यह नियमावली सामाजिक सुरक्षा (डारखण्ड) नियमावली, 2021 कही जायेगी।
2. परिभाषा
- (1) जब तक सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, इस नियमावली में,-
- (क) “संहिता” का तात्पर्य सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 से है ;
- (ख) “ धारा” का तात्पर्य संहिता की धारा से है;
- (2) इस नियमवली में प्रयुक्त और अपरिभाषित किन्तु संहिता में परिभाषित शब्दों के उनके अपने-अपने अर्थ होंगे जैसा की संहिता में उनके लिये समन्वित भित हैं।
अध्याय-दो
सामाजिक सुरक्षा संगठन
भाग-एक
ड़ारखण्ड असंगठित कर्मचार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
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- संहिता की धारा 6 के उप-धारा (9) के तहत झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा शक्तियों का प्रयोग और कार्यों के संपादन की रीति, उप-धारा (12) के तहत सदस्यों के नामनिर्देशन, उनके कार्यकाल एवं अन्य सेवा शर्त, उनके कार्यों के निर्वहन में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और रिक्तियों को भरने का तरीका और उप-धारा (14) के तहत समय, स्थान और कार्य प्रणाली से संबंधित प्रक्रिया निम्नलिखित होगी:- (1) झारखण्ड असंगठित कर्मचार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का गठन:-
- क) धारा-6 के तहत गठित बोर्ड को "झारखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड" कहा जाएगा ।
- ख) पदन सदस्य के अतिरिक्त कोई अन्य सदस्य अपने नामांकन की तिथि से तीन वर्ष से अधिक की अवधि के लिए पद धारण नहीं कर सकेगा ।
- ग) सदस्य पुनर्नामांकन के लिए पात्र हो सकेंगे । परन्तु, कोई भी सदस्य कुल दो कार्यकालों से अधिक के लिए पद धारण नहीं कर सकेगा ।
- घ) धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (डी) के उप खंड (i) एवं (ii) के श्रेणियां में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित विधि अनुसार, झारखण्ड असंगठित कर्मचार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में असंगठित क्षेत्र के श्रमिक संघों और असंगठित क्षेत्र के नियोक्ता संघों के प्रतिनिधित्व हेतु नामांकन की मांग कर सकती है ।
- ड.) राज्य सरकार विधान सभा के अध्यक्ष से विधान सभा के दो सदस्यों की मांग धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (डी) के उप खंड (iii) के तहत करेगी, जैसा भी मामला हो ।
- च) राज्य सरकार श्रम कल्याण, प्रबंधन, वित्त, विधि तथा प्रशासन के क्षेत्र में प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (डी) के उप खंड (iv) के तहत पाँच व्यक्तियों को नामित करेगी ।
- छ) राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण से संबंधित राज्य सरकार के विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (डी) के उप खंड (v) के तहत दस सदस्यों को नामित करेगी ।
- ज) राज्य सरकार धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (ई) के तहत एक अधिकारी, जो संयुक्त श्रमायुक्त पद से नीचे का न हो, को झारखण्ड असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्य-सचिव के रूप में अधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करेगी।
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- झां धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (डी) के उप खंड (i), (ii) और (iv) के तहत नामित सदस्य, बोर्ड का सदस्य नहीं रहेगा यदि उसका उस श्रेणी का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाए, जिस श्रेणी हेतु उसे नामांकित किया गया था । परन्तु, यह कि उपखंड (i) के तहत नामित सात व्यक्तियों में से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यको और महिलाओं में से एक-एक सदस्य का प्रतिनिधित्व किया जाएगा ।
- ज) धारा-6 के उप-धारा (10) के खंड (डी) के उप खंड (iii) के तहत नामित सदस्य बोर्ड का सदस्य नहीं रहेगा यदि वह विधान सभा का सदस्य, जिसके द्वारा वह निर्वाचित था, समाप्त हो जाए । (ट) किसी भी व्यक्ति को बोर्ड के सदस्य के रूप में नहीं चुना जाएगा या बना रहेगा, यदि ऐसा व्यक्ति धारा-8 के किसी प्रावधान को आकर्षित करता हो ।
(2) बोर्ड का पुनर्गठन:-
- क) झारखण्ड सरकार बोर्ड की अवधि समाप्त होने के छ: माह पूर्व 'झारखण्ड असंगठित कर्मचार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी । ख) यदि बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए बोर्ड का पुनर्गठन नहीं किया जाता है, तो बोर्ड के निर्वहन और कार्य के लिए अधिसूचना के माध्यम से ऐसी व्यवस्था की जा सकती है, जो राज्य सरकार द्वारा नए बोर्ड के गठन की अवधि के लिए तय की जाए ।
- ग) इस तरह की व्यवस्था की स्थापना के परिणामस्वरूप, की गई सभी कार्रवाईयों का वही प्रभाव होगा जैसा कि बोर्ड द्वारा किया गया हो ।
(3) त्यागपत्र:-
- क) बॉर्ड का कोई सदस्य, जो पदेन सदस्य नहीं है राज्य सरकार को संबोधित एक लिखित पत्र के द्वारा त्यागपत्र दे सकता है । ख) ऐसे सदस्य का पद उसका त्यागपत्र स्वीकृत किये जाने के तिथि से, अथवा त्यागपत्र की सूचना प्राप्त किये जाने की तिथि से तीस दिन के समाप्ति पर, जो भी पहले हो, रिक्त हो जायेगा ।
- ग) किसी सदस्य के त्यागपत्र को स्वीकृत करने की शक्ति राज्य सरकार को निहित होगी ।
4) पत्ता में परिवर्तन:-
यदि नामनिर्दिष्ट सदस्यों के पते में किसी प्रकार का परिवर्तन होता है, तो इसकी सूचना बोर्ड के सदस्य सचिव को लिखित रूप में दी जायेगी, जो तदनुसार आधिकारिक अभिलेख में नया पता दर्ज करेगा ।
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परन्तु, यदि कोई सदस्य अपने नए पते को सूचित करने में विफल रहता है, तो आधिकारिक अभिलेख में उपलब्ध पता ही सभी उद्देश्यों के लिए सही पता माना जाएगा ।
(5) रिक्तियों का भरा जाना:-
जब बॉर्ड की सदस्यता में किसी कारणवश कोई रिक्ति होती है, या होने की सम्भावना होती है, तब सदस्य सचिव, राज्य सरकार को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और ऐसी रिपोर्ट प्राप्त होने पर, राज्य सरकार, नियम (3) के उपनियम (1) के तहत निर्धारित तरीके से अधिसूचना द्वारा एक व्यक्ति को नामित कर सकती है और इस प्रकार नामित व्यक्ति शेष कार्यकाल के लिए पदधारण करेगा, जिसके स्थान पर वह नामित किया गया है ।
(6) ड्रारखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्य को हटाने की प्रक्रिया:-
- (i) धारा 8 की उप-धारा(2) के खंड (बी) और (सी) के तहत झारखंड असंगठित कर्मचार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के सदस्यता से हटाने के लिए कार्यवाही, यदि कोई हो, के लंबित रहने के दौरान, ऐसे सदस्य को बोर्ड के बैठकों से दूर रहना होगा ।
- (ii) धारा-8 के तहत किसी भी सदस्य को पद से विवर्जित, अयोग्यता और हटाने के संबंध में राज्य सरकार का निर्णय अंतिम होगा।
(7) सदस्यों के भते:-
- (1) बोर्ड के आधिकारिक सदस्य का यात्रा भत्ता उसके द्वारा आधिकारिक कर्त्त्वों पर की गई यात्रा के लिए लागू नियमों द्वारा शासित होगा और उनके वेतन का भुगतान करने वाले पदाधिकारी द्वारा भुगतान किया जाएगा ।
- (2) बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य बोर्ड की बैठक में भाग लेने के लिए यात्रा और दैनिक भत्ते के भुगतान के हकदार होंगे, जैसा कि इजारखण्ड सरकार के समूह ‘ए’ के अधिकारी को अनुमान्य है ।
(8) कार्य का निबटारा:-
- (1) प्रत्येक मामले पर, जिसपर बोर्ड को विचार करना आवश्यक है, बोर्ड की बैठक में विचार किया जाएगा, अथवा अध्यक्ष के निर्देश पर प्रत्येक सदस्य को राय के लिए आवश्यक कागजात प्रेषित कर बहुमत के आधार पर मामला का निबटारा किया जाएगा ।
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परन्तु, जहां किसी मामले में बहुमत की कोई राय नहीं है और बोर्ड के सदस्य समान रूप से विभाजित हैं, अध्यक्ष का अतिरिक्त अथवा निर्णायक मत होगा ।
- (2) बोर्ड की बैठक में लिए गए प्रत्येक निर्णय को लिखित रूप में दर्ज किया जाएगा |
(9) बैठक:-
- (1) बोर्ड ऐसे स्थानों पर तथा ऐसे समयों पर बैठक करेगा, जैसा की अध्यक्ष द्वारा विनिश्चित किया जाय;
- (2) बोर्ड तीन माह में कम से कम एक बार बैठक करेगा;
- (3) किसी मामले की अत्यावश्यकता की स्थिति में विचार-विमर्श की विषयवस्तु तथा अत्यावश्यकता के कारणों के सम्बन्ध में सदस्यों को अधिम सूचना देने के पश्चात अध्यक्ष द्वारा विशेष बैठकें आहूत की जा सकती है।
- (4) किसी मामले की अत्यावश्यकता की स्थिति में बैठक परिचालन द्वारा या अन्य माध्यम से आयोजित की जा सकती है ।
- (5) बोर्ड की ऐसी प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष, द्वारा की जाएगी जिसमें वह उपस्थित हों तथा उनकी अनुपस्थिति में बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता उपाध्यक्ष द्वारा की जायेगी ।
(10) बैठक की सूचना एवं कार्यसूची:-
- (i) सामान्यतया, बोर्ड के सदस्यों को किसी प्रस्तावित बैठक के सम्बन्ध में पन्द्रह दिन की नोटिस दी जायेगी । परन्तु यह कि यदि अध्यक्ष इस बात से संतुष्ट है कि ऐसा करना समीचीन है, तो वह अल्पतर अवधि की नोटिस दे सकता है ।
- (ii) बोर्ड की बैठक की कार्यसूची में सम्मिलित कार्य के सिवाय किसी अन्य कार्य पर अध्यक्ष की अनुज्ञा के बिना विचार नहीं किया जायेगा ।
(11) गणपति:-
- (i) बॉर्ड की किसी बैठक में कोई कार्य तब तक संत्यवहत नहीं किया जायेगा जब तक कि उस बैठक में कम से कम दस सदस्य उपस्थित न हो; परन्तु यह कि यदि किसी बैठक में दस से कम सदस्य उपस्थित हों तो अध्यक्ष, उपस्थित सदस्यों को गणपूर्ति के साथ या गणपूर्ति के बिना स्थगित बैठक के कार्य का निस्तारण किये जाने के प्रस्ताव के सम्बन्ध में सूचित करते हुए और सदस्यों को तत्सम्बन्ध में नोटिस देते हुए बैठक को अन्य तिथि के लिये
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स्थगित कर देगा एवं स्थगित बैठक की तिथि को उपस्थित सदस्यों की संख्या पर ध्यान दिये बिना स्थगित बैठक का कार्य निस्तारण करना विधि- सम्मत होगा।
- (ii) अध्यक्ष, पदेन सदस्यों के अतिरिक्त किसी सदस्य को बोर्ड की बैठक में प्रतिभाग करने से विवर्जित कर सकता है यदि-
- (क) वह अध्यक्ष को लिखित सूचना तथा सहमति प्रदान किये बिना बॉर्ड की लगातार तीन बैठकों में स्वयं अनुपस्थित रहता है या
- (ख) अध्यक्ष की दृष्टि में, ऐसा सदस्य ऐसे हित का प्रतिनिधित्व करने से प्रविरत हो गया हो जिसके लिये वह बोर्ड का प्रतिनिधित्व करने हेतु तात्पर्य हो । (12) बोर्ड का मुख्यालय:- बोर्ड का मुख्यालय ऐसे स्थान पर होगा जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाय । (13) धारा-141 की उपधारा (5) के खण्ड (दो) के अधीन निधि का गठन:- धारा 141 की उपधारा (5) में उल्लिखित निधि के श्लोतों के अतिरिक्त निम्नलिखित श्रेतों से प्राप्त धनराशि निधि में जमा की जायेगी -
- (i) राज्य सरकार द्वारा निधि की स्थापना हेतु प्रदत एकमुश्त धनराशि,
- (ii) भारत सरकार, राज्य सरकार तथा अन्य प्राधिकरणों तथा सांविधिक निकायों द्वारा प्रदत्त अनुदान धनराशि;
- (iii) लाभग्राहियों के पंजीकरण/नवीकरण तथा उनके अभिदाय से प्राप्त धन राशि;
- (iv) भारत सरकार, द्वारा अधिसूचित योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रास धनराशि;
- (v) राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित योजना के क्रियान्वयन हेतु प्रास धनराशि तथा
- (vi) नियोजक, उनके संधों या राज्य सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश के माध्यम से यथा अवधारित निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व निधि से अभियदान या दान या कोई अन्य वित्तीय सहायता । (14) झारखंड सामाजिक सुरक्षा कल्याण कोष का प्रशासन:-
- (i) नियम 3 के उपनियम (13) के खण्ड (i) और (ii) के अधीन प्रास सम्पूर्ण निधि किसी अनुसूचित बैंक में पृथक खाते में रखी जायेगी, जिसे झारखण्ड सामाजिक सुरक्षा कल्याण कोष कहा जाएगा ।
- (ii) निधि, बोर्ड द्वारा प्रशासित तथा संत्यवहत की जायेगी ।
- (iii) निधि के बैंक खाते का परिचालन ऐसी रीति से किया जायेगा जैसा कि सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश से अवधारित किया जाय।
- (iv) सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की कोष की निर्धारित/व्यय राज्य सरकार तथा केन्द्र सरकार के द्वारा असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए संचालित कल्याणकारी
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योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये तथा बोर्ड के प्रशासनिक व्ययों को पूरा करने के लिये किया जायेगा। बोर्ड के प्रशासनिक व्यय कुल योजनान्तगत व्ययों के दस प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे ।
- (v) निष्ठि के लेखा की अंकेक्षण, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेशों के अनुसार प्रत्येक वर्ष की जायेगी ।
भाग-दो
ड्जारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड
- झारखंड भवन एवं अन्य सिन्निमाण कर्मचार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों के नियुक्ति के नियम व शर्तें तथा देय वेतन एवं अन्य भत्ते तथा उप-धारा (4) के अंतगत सदस्यों की आकस्मिक रिक्तियों को भरने की रीति, धारा 7 की उप धारा (5) के खंड (सी) के तहत उक्त बोर्ड के सचिव एवं अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नियुक्ति की नियम व शर्तें, वेतन और भत्ते
- (1) बोर्ड की संरचना:-
- (i) झारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मचार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्रमायुक्त झारखण्ड के पद से नीचे के अधिकारी नहीं होंगे ।
- (ii) राज्य सरकार पन्द्रह अन्य सदस्यों को इंजारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार कल्याण बोर्ड में नामनिर्दिष्ट करेगी जिनमें से पाँच प्रतिनिधि राज्य सरकार के विभागों के, पाँच प्रतिनिधि भवन कर्मकार के और पाँच प्रतिनिधि भवन कर्मकार नियोजकों के होंगे। बोर्ड में कम से कम एक महिला सदस्य होंगी ।
- (iii) राज्य सरकार के विभागों के प्रतिनिधि, शहरी विकास एवं आवास विभाग, योजना-सह-वित्त विभाग, पथ निर्माण, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव रैंक से नीचे के अधिकारी नहीं होगे ।
- (2) अवधि:-
- (i) बोर्ड की अवधि, उसका गठन किये जाने की तिथि से तीन वर्ष की होगी, किन्तु यह पुनर्गठन किये जाने तक जारी रहेगी तथा इसका विनिम्बय, इस आधार पर अविधिमान्य नहीं समझा जायेगा कि बोर्ड की अवधि का अवसान हो गया है ।
- (ii) बोर्ड के सदस्यों का कार्यकाल बोर्ड की अवधि के साथ विघ्मान रहेगा।
- (iii) बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य राज्य सरकार के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेंगे ।
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- (iv) धारा-7 की उपधारा (3) के अधीन नामनिर्देशित सदस्य बॉर्ड से हटाये जा सकते हैं यदि वे उन हितों का प्रतिनिधित्व न कर रहे हों जिनके लिये वे नामनिर्देशित हों।
- (v) सभी नामनिर्देशित सदस्य पुनर्नामनिर्देशन के लिये एक और बार अहंय होंगे।
(3) रिक्तियों को भरे जाने की रीति:-
जब बॉर्ड की सदस्यता में किसी कारण से कोई रिक्ति हो अथवा उसका होना संभाव्य हो तो सदस्य सचिव, राज्य सरकार को एक प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा जो उन व्यक्तियों की श्रेणी, जिसे सदस्यता रिक्त करने वाला व्यक्ति सम्बन्धित हो, मे से रिक्ति भरने के लिये कदम उठायेगी और इस प्रकार नामनिर्दिष्ट व्यक्ति उस सदस्य के शेष कार्यकाल तक पद धारण करेगा जिसके स्थान पर उसकी नियुक्ति की गयी है ।
(4) अध्यक्ष और गैर सरकारी सदस्यों के वेतन और भते:-
- (i) गैर सरकारी सदस्य, राज्य सरकार के निम्नतम श्रेणी के समूह ‘ए’ के अधिकारियों के लिये अनुमान्य दर पर यात्रा भता और दैनिक भता के लिये हकदार होगा ।
- (ii) बॉर्ड के अध्यक्ष के लिये वेतन और भत्ते, राज्य सरकार द्वारा सामान्य या विशेष आदेश से निर्धारित किये जायेंगे ।
(5) बोर्ड के सचिव एवं अन्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों की नियुक्ति की शर्तें तथा उनके वेतन एवं भत्ते:-
- (i) बोर्ड, राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से संयुक्त श्रमायुक्त की श्रेणी से अन्यून किसी व्यक्ति को बोर्ड का सचिव नियुक्त करेगा।
- (ii) बोर्ड, राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से बोर्ड के कृत्यों का निस्तारण करने हेतु अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करेगा ।
- (iii) बोर्ड के सचिव, अन्य अधिकारी तथा कर्मचारी उसी रीति से नियुक्त किये जायेंगे, जैसा कि राज्य सरकार द्वारा सामान्य अथवा विशेष आदेश द्वारा अवधारित किया जाय और उन्हें राज्य सरकार द्वारा नियत भत्तों का भुगतान किया जायेगा ।
- (6) धारा-7 की उपधारा (6) के अधीन सामाजिक सुरक्षा योजनायें तथा कल्याणकारी उपाय
- (i) बोर्ड, राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन से धारा-7 की उपधारा (6) के खण्ड (ए) से खण्ड (एफ) तक में विहित सामाजिक सुरक्षा योजना एवं कल्याणकारी उपायों को अधिसूचित करेगी ।
- (ii) बोर्ड, ऐसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और कल्याणकारी उपायों का सूत्रपात करेगा जिनमें पात्रता सीमा, विभिन्न प्रसुविधा दर, आवेदन पत्र तथा प्रक्रिया और प्रसुविधा
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स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी और अन्य अनुषंगिक मामलों का भी अवधारण बोर्ड द्वारा किया जायेगा और तत्पश्चात अनुमोदन हेतु उसे राज्य सरकार को अग्रसारित करेगा।
अध्याय- तीन
डारखण्ड कर्मचारी बीमा न्यायालय नियम
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- धारा 37 की उप धारा-(7) के खंड (बी) के तहत द्वितीय अपील दायर करने की विधि:-
- (1) संहिता की धारा-37 की उपधारा (7) के खंड(बी) के तहत अपील का जापन औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 44 के तहत गठित औद्योगिक न्यायाधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा; इसकी एक प्रति विपक्षी दलों को या तो व्यक्तिगत रूप से हाथो-हाथ या पंजीकृत डाक पावति के तहत या इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्तांतर कराया जाएगा ।
- (2) अपील के जापन में मामले के तथ्य, चिकित्सा अपील न्यायाधिकरण का निर्णय, अपील के आधार और मांगी गई राहत शामिल होंगे।
- (3) अपील के जापन के साथ चिकित्सा अपील न्यायाधिकरण के निर्णय की अभिप्रामाणित प्रति संलग्न की जाएगी ।
- (4) अपील के जापन की प्रति प्रास होने पर, चिकित्सा अपील न्यायाधिकरण मामले का अभिलेख अपीलीय प्राधिकारी को अग्रेषित करेगा ।
- (5) अपील के जापन की प्रति प्रास होने के चौदह दिनों के भीतर विरोधी पक्ष जापन के प्रत्येक पैराग्राफ की अपनी टिप्पणियों को अतिरिक्त दलीलों के साथ, यदि कोई हो, अपीलकार्ता को एक प्रति के साथ अपील प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा ।
- (6) अपील के पक्षकारों को सुनवाई का उचित अवसर देने के पश्चात् अपीलीय प्राधिकारी अपना निर्णय दर्ज करेंगे। निर्णय की एक प्रति अपील के पक्षकारों को इलेक्ट्रॉनिक या पंजीकृत डाक या व्यक्तिगत रूप से दी जाएगी और उसकी एक प्रति मामले के अपने अभिलेख लौटाते हुए सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी।
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- धारा 51 की उपधारा (1) के तहत कर्मचारी बीमा न्यायालय में कार्यवाही प्रारम्भ करने की विधि, शुल्क एवं प्रक्रिया:-
- (1) धारा 49 के अधीन कोई आवेदन, प्रूप-1 में निगम, पीड़ित व्यक्ति, या किसी प्रतिष्ठान के नियोता, जैसा भी मामला हो, तीन प्रतियों में औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा 44 के तहत गठित औद्योगिक न्यायाधिकरण को प्रस्तुत किया जायेगा ।
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- (i) इस प्रकार के प्रत्येक आवेदन में वादहेतुक सुजित करने वाले तथ्य, तिथि जब वादहेतुक उत्पन्न हुआ हो, संक्षिप्त शिकायत के साथ उसी प्रकार सत्यापित किया जाएगा जैसा कि व्यवहार न्यायालय में किसी अभिवचन का किया जाता है, जो इसकी तीन प्रतियों के साथ होगी ।
- (ii) धारा 51 के तहत आवेदन में निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे:-
- (क) न्यायालय का नाम, जिसमें आवेदन दिया गया हो;
- (ख) पूरा नाम और विवरण जिसमें आवेदक और विरोधी पक्षकार की आयु,व्यवसाय तथा पूर्ण डाक पता सम्मिलित होंगे;
- (ग) जहाँ आवेदक या विरोधी पक्षकार अल्पवयस्क हो अथवा विकृत चित का व्यक्ति हो वहाँ उस आशय का विवरण और उसके संरक्षक, निकट सम्बन्धी या उसकी ओर सेवाकार्य करने के लिये प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति का पूरा नाम, आयु, व्यवसाय और पूर्ण ठाक पता;
- (घ) वाद हेतु सूचित करने वाला तथ्य और तिथि, जब वह उत्पन्न हुआ हो;
- (ड) न्यायालय के पास अधिकारिता होने को दर्शाने वाले तथ्य;
- (च) राहत, जिसका आवेदक दावा करे;
- (2) ऐसे समस्त दस्तावेज, जिन पर आवेदन आधारित हो, उनकी सही सूची सहित आवेदन के साथ संलग्न किये जायेंगे;
- (3) समस्त आवेदन, न्यायालय द्वारा अनुरक्षित किये जाने वाले प्रसू-II में यथा विहित रीति से किसी रजिस्टर में संधारित किये जायेंगे ।
- (4) लिखित कथन:-
- (क) विरोधी पक्ष, और, यदि न्यायालय द्वारा ऐसा आवश्यक हो, तो, पहली सुनवाई में या उससे पहले/या ऐसे समय के भीतर जो न्यायालय अनुमति दे सकता है, अपने बचाव का एक लिखित कथन उन दस्तावेजों के साथ जिनपर वह निर्भर है तथा उनकी स्टीक सूची के साथ प्रस्तुत करेगा ।
- (ख) इस प्रकार के प्रत्येक लिखित कथन को उसी प्रकार सत्यापित किया जाएगा जैसा कि व्यवहार न्यायालय में किसी अभिवचन का किया जाता है, जो इसकी दो प्रतियों के साथ होगी ।
- (ग) खंड (क) के तहत प्रस्तुत प्रत्येक लिखित बयान में विरोधीपक्ष विशेष रूप से आवेदक द्वारा आरोपित तथ्य के प्रत्येक आरोप से निबटेगा, या जिसे वह स्वीकार करता है या स्वीकार नहीं करता है या सच्चाई से इन्कार करता है। लिखित कथन में वे सभी मामले शामिल होने चाहिए जो यह दर्शाते हैं कि आवेदन चलने योग्य नहीं है और बचाव के ऐसे सभी आधार, यदि नहीं उठाए जाएं तो आवेदक को आवेदन अस्वीकार करने के लिए उचित आधार नहीं है।
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गए, तो आवेदक को आश्चर्यचकित कर सकते हैं या आवेदन उत्पन्न नहीं होने वाले तथ्य के मुद्दों को उठाएंगे। उदाहरण के लिए धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव जबरदस्ती, रिहाई, भुगतान, प्रदर्शन या लेन देन की अवैधता दिखाने वाले तथ्य।
- (5) न्यायालय द्वारा निर्देशित लिखित कथन प्रस्तुत करने में विफलता:- जहां कोई भी पक्ष जिससे लिखित कथन की आवश्यकता है, न्यायालय द्वारा निर्धारित समय के भीतर उसे प्रस्तुत करने में विफल रहता है, न्यायालय उसके विरुद्ध निर्णय सुना सकता है अथवा कार्यवाही के संबंध में ऐसा आदेश दे सकता है जैसा वह उचित समझे ।
7. कर्मचारी बीमा न्यायालय की कार्यवाही:-
- (1) न्यायालय में प्रत्येक आवेदन उस दिनांक, यथास्थिति, जिस तिथि को (वाद हेतुक) उत्पन्न हुआ या जब दावा देय हुआ, जैसा भी मामला हो, के बारह माह के भीतर प्रस्तुत किया जायेगा । परन्तु यह कि न्यायालय उक्त बारह माह की अवधि के पश्चात किया गया आवेदन ग्रहण कर सकता है, यदि उसका यह समाधान हो जाय कि आवेदक के पास उक्त अवधि के भीतर आवेदन न करने का पर्यास कारण हो।
- (2) जहाँ किसी स्तर पर न्यायालय को यह प्रतीत हो कि आवेदन राज्य के भीतर किसी अन्य न्यायालय में प्रस्तुत होना चाहिए था अथवा उसे अन्य किसी न्यायालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए अथवा उसे अन्य न्यायालय द्वारा ग्रहण किया जाना चाहिए वहाँ प्रथम उल्लिखित न्यायालय उसे व्यवहृत करने के लिये सशक्त न्यायालय को आवेदन या संचिका प्रेषित करेगा या वाद उसमें दाखिल करेगा और तदनुसार आवेदक तथा विरोधी पक्षकार को सूचित करेगा और न्यायालय जिसमें दाखिल करने हेतु आवेदन अंतरित किया गया हो, कार्यवाहियाँ जारी रखेगा मानो पूर्ववर्ती कार्यवाहियाँ या उसकी आंशिक कार्यवाहियाँ उसके समक्ष प्रस्तुत की गयी हों
- (3) न्यायालय, पक्षकारों को सम्मन किये जाने, सम्मन तामील किये जाने, सुनवाई की प्रक्रिया, विवादक विरचित किये जाने, बयान तथा साक्ष्य प्रस्तुत किये जाने, साक्ष्य अभिलिखित किये जाने की पद्धति, साक्षी की प्रतिपरीक्षण किये जाने तथा अन्य सम्बन्धित मामलों में सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (अधिनियम संख्या 5 सन् 1908) के नियमों का अनुसरण करेगा।
- (4) क्रियान्वयन:-
- क) कोई भी व्यक्ति जिसके पक्ष में आदेश पारित किया गया है, आदेश की तिथि से एक वर्ष के भीतर, उस न्यायालय में आवेदन करेगा जिसने उसके क्रियान्वयन के लिए आदेश दिया था ।
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- ख) इस तरह के आवेदन के किए जाने पर, न्यायालय उसे आवश्यक रिकार्ड के साथ सक्षम अधिकार क्षेत्र के सिविल कोर्ट उसके क्रियान्वयन करने की समान शक्ति होगी जैसे कि वह अपने द्वारा परित ओदश का क्रियान्वयन किया गया हो ।
- (5) क्रियान्वयन या अन्यथा का संचारण:- जिस व्यवहार न्यायालय को आदेश का क्रियान्वयन के लिए भेजा जाता है, वह उस न्यायालय, जिसने आदेश पारित कर क्रियान्वयन हेतु प्रेषित किया है, को क्रियान्वयन के तथ्य को संसूचित कर प्रमाणित करेगा या जहां वह न्यायालय उसे क्रियान्वित करने में विफल रहता है और ऐसी विफलता के कारण व परिस्थितियां ।
8. शुल्क व लागत:-
- (1) संहिता की धारा 49 में निर्दिष्ट किसी मामले में आवेदन किये जाने पर संदेश शुल्क सौ रुपये होगी ।
- (2) किसी अन्य मामले में संदेय शुल्क और लागत वही हूंगे जैसा कि उच्च न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों के लिये विहित किया गया हो।
- (3) इस नियम में विनिर्दिष्ट समस्त शुल्क और लागतें कोर्ट फीस स्टाम्पों के माध्यम से संग्रहीत की जायेंगी ।
अध्याय-चार
उपदान
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- बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान जिसमें धारा 53 की उप-धारा (1) के तीसरे पर्तुक के तहत नाबालिग के लाभ के लिए उपादान का निवेश किया जाएगा:- नमित व्यक्ति या उत्राधिकारी के मामले में, जो नाबालिग है, स्क्षम पदाधिकारी उसके पास जमा की गई उपादान की राशि को ऐसे नाबालिग के लाभ के लिए भारतीय स्टेट बैंक या राष्ट्रीयकृत बैंक सावधि जमा में निवेश करेगा। स्पष्टिकरण:- "राष्ट्रीयकृत बैंक" का अर्थ है कि बैंकिंग कंपनी (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम, 1970 (1970 का 5) के तहत परस्पर पहली अनुसूची में निर्दिष्ट नया बैंक या बैंकिंग कंपनियां (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण), अधिनियम, 1980 (1980 का 40) के तहत की पहली अनुसूची में निर्दिष्ट नया बैंक।
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- धारा 55 की उप-धारा (1) के तहत किसी कर्मचारी के द्वारा नामनिर्देशन का समय प्रपत्र और तरीका, उप-धारा (4) के तहत नया नामांकन करने का समय, उप-धारा (5) के
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तहत संशोधन का प्रपत्र और तरीका और उप-धारा (6) के तहत नए नामनिर्देशन के लिए प्रपत्र:-
- (1) नामनिर्देशन प्रक्रम-III में विहित रीति से किया जायेगा और उसे दो प्रतियों में कर्मचारी द्वारा पावती रसीद लेकर व्यक्तिगत रूप से या रजिस्ट्रीकृत डाक से या इलेक्ट्रॉनिक विधि से नियोजक को हस्तांतर कराना है।
- क) ऐसे कर्मचारी के मामले में जो इन नियमों के लागू होने की तारीख को एक वर्ष या उससे अधिक अवधि पहले से ही रोजगार में है, लेकिन नामनिर्देशन जमा नहीं किया है, आम तौर पर ऐसी तारीख से नब्बे दिनों के भीतर;
- ख) ऐसे कर्मचारी के मामले में जो इन नियमों के लागू होने की तारीख के बाद एक साल की सेवा पूरी करता है, आम तौर पर एक साल की सेवा पूरी होने के तीस दिनों के भीतर: परन्तु, यह कि प्रपत्र-तीन में नामनिर्देशन विनिर्दिष्ट अवधि के बाद भी नियोजक द्वारा स्वीकार किया जाएगा, यदि विलम्ब के लिए युक्तियुक्त आधार साथ दाखिल किया जाता है और ऐसा नामनिर्देशन स्वीकार मात्र इस कारण अवैध नहीं हो जाएगा कि यह विनिर्दिष्ट अवधि के पश्चात दाखिल किया गया था ।
- (2) ऊपर यथा उल्लिखित नामनिर्देशन प्राप्त किये जाने के तीस दिन के भीतर नियोजक, प्रस्तुत III में नामनिर्देशन पत्र में यथा उल्लिखित कर्मचारियों की सेवा सम्बन्धी विशिष्टियों का अधिक्षान के अभिलेख के सन्दर्भ में स्त्यापन करायेगा और नियोजक या इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा सम्यक रूप से साक्ष्यांकित प्रस्तुत-III में नामनिर्देशन पत्र की द्वितीय प्रति कर्मचारी को वापस करेगा और अन्य प्रति को अभिलेखार्थ रखेगा ।
- (3) कोई कर्मचारी, जिसके पास नामनिर्देशन करते समय परिवार न हो, परिवार होने के नब्बे दिन के भीतर धारा 55 की उपधारा (4) के अधीन यथा अपेक्षित नवीन नामनिर्देशन उप नियम (1) में विनिदिष्ट रीति से प्रक्षु-IV में दो प्रतियों में नियोजक को प्रस्तुत करेगा और तत्पश्चात् उप नियम (2) का उपबंधन यथावश्यक परिवर्तन सहित लागू होगा मानों वह उप नियम (1) के अधीन किया गया हो ।
- (4) ऐसे मामले, जहाँ कोई नामनिर्दिशती किसी कर्मचारी का पूर्ण मुताबिक नामनिर्दिशती हो, सहित किसी नामनिर्दिशन में उपान्तरण किये जाने की नोटिस, उप नियम (1) में विनिर्दिष्ट नियोजक को प्ररूप-V में दो प्रतियों में प्रस्तुत की जायेगी और तत्पश्चात् उप नियम (2) का उपबंध यथा आवश्यक परिवर्तन सहित लागू होगा मानों यह उप नियम (1) के अधीन किया गया हो ।
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(5) कोई नामनिर्देशन अथवा कोई नया नामनिर्देशन अथवा नामनिर्देशन उपान्तरण की नोटिस पर कर्मचारी द्वारा हस्ताक्षर किया जायेगा, अथवा यदि कर्मचारी निरक्षर हो तो उक्त नामनिर्देशन पर उसकी अंगूठा का निशानी ऐसे दो साक्षियों की उपस्थिति में अंकित की जायेगी जो यथास्थिति नामनिर्देशन, नये नामनिर्देशन या नामनिर्देशन उपान्तरण की नोटिस में उस आशय की घोषणा पर भी हस्ताक्षर करेंगे एवं कर्मचारी द्वारा या तो व्यक्तिगत रूप से या ईल्क्ट्रॉनिक या पावती सहित निबंधित डाक द्वारा सम्पर्तित किया जाएगा । (6) कोई नामनिर्देशन, नया नामनिर्देशन अथवा नामनिर्देशन उपन्तरण की नोटिस नियोजक द्वारा उसे प्राप्त किये जाने के तिथि से प्रभावी होगी । 11. धारा 56 की उप-धारा (1) के तहत निर्धारित समय जिसके भीतर और जिस प्रपत्र में लिखित आवेदन किया जाएगा और उप-धारा (5) के खंड (बी) के तहत सक्षम पदाधिकारी के समक्ष किए जाने के लिए आवेदन का प्रपत्र:- (1) उपादान के लिए आवेदन:- कोई कर्मचारी जो संहिता के अधीन उपादान के संदाय के लिये पात्र हों अथवा उसकी/उनकी ओर से लिखित रूप में प्राधिकृत व्यक्ति, प्ररूप-VI में नियोजक को सामान्यत: उपादान के संदेय होने के तिथि से तीस दिन के भीतर आवेदन करेगा; परन्तु यह कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति तिथि अवगत हो, तो कर्मचारी तीस दिनों के पूर्व भी नियोजक के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है; परन्तु यह और कि निश्चित अवधि के नियोजन पर कर्मचारी उपादान प्राप्त करने के लिए पात्र होगा, यदि वह एक वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध के तहत सेवा प्रदान करता है और पिछले मजदूरी की दर के आधार पर पंद्रह दिनों की मजदूरी की दर से उपादान का भुगतान किया जाएगा। उसके द्वारा छः महिने से अधिक की सेवा से प्रत्येक पूर्ण वर्ष या उसके भाग के लिए आहरित किया जाएगा। (2) धारा 53 के उपधारा (1) के तीसरे परन्तुक के तहत उपादान के भुगतान के लिए पात्र कर्मचारी का नामनिर्देशिती या कानूनी उत्तराधिकारी, आम तौर पर उसे देय होने की तारीख से तीस दिनों के भीतर प्रस्तुप VI-ए या प्रस्तुप VI- बी जैसा भी मामला हो, नियोक्ता को आवेदन दे सकता है; परन्तु, सादे कागज में प्रासंगिक विवरण के साथ किए गए आवेदन भी स्वीकार किया जाएगा। नियोक्ता ऐसे अन्य विवरण की मांग कर सकता है, जो उसके द्वारा आवश्यक समझे जाए।
- (3) जहां इन नियमों के लागू होने के पहले से संहिता के तहत उपादान देय हो जाती है, नियम 10 के उप नियम (1) के खंड (क और ख) में विनिदिध सीमा अवधि इन नियमों के लागू होने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी ।
- (5) इस नियम के तहत आवेदन नियोक्ता को या तो व्यक्तिगत रूप से, पंजीकृत डाक पावती सहित या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा ।
12. उपादान के भुगतान के लिए सूचना:-
- (1) उपादान के भुगतान के लिए सूचना नियम-11 के तहत आवेदन प्रास होने के पंद्रह दिनों के भीतर, नियोजक-
- क) यदि स्त्यापन पर दावा स्वीकार्य पाया जाता है, तो आवेदक कर्मचारी, नामनिर्देशित या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, प्ररूप-VII में नोटिस जारी करेंगे, देय उपादान की राशि विनिर्दिष्ट करते हुए एक तारीख तय करेंगे, जो उसके भुगतान के आवेदन प्राप्त होने के तीसरें दिन के बाद का ना हो ।
- ख) यदि उपादान के लिए दावा स्वीकार्य नहीं पाया जाता है, तो आवेदक कर्मचारी, नामनिर्देशित या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, को प्ररूप-VII में नोटिस जारी करेंगे, जिसमें उपादान दावे को स्वीकार नहीं किए जाने का कारणों का उल्लेख किया जाएगा । उपरोक्त किसी स्थिति में नोटिस की एक प्रति सक्षम प्राधिकारी को पूष्टांकित की जाएगी।
- (2) यदि उपादान का भुगतान नियोजक के कार्यालय में किया जाना है, तो उप- नियम (1) के खंड (क) के तहत प्रश्न-VII में नोटिस में इस उद्देश्य के लिए निर्धारित तिथि नियोजक द्वारा पुनर्निर्धारित किया जाएगा, यदि इस संबंध में एक लिखित आवेदन आदाता (प्रासंकर्ता) द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि निर्दिष्ट तिथि पर उसके लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना क्यों संभव नहीं है।
- (3) यदि उपादान के लिए दावेदार एक नामनिर्दिशती या कानूनी उत्तराधिकारी है, तो नियोजक ऐसे गवाह या साक्ष्य की मांग कर सकता है जो उसकी पहचान या उसके दावे
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की पोषणीयता, जैसा भी मामला हो, को स्थापित करने के लिए प्रासंगिक समझा जा सकता है। उस स्थिति में, उप-नियम (1) के तहत नोटिस जारी करने के लिए निर्दिष्ट समय सीमा नियोजक द्वारा मांगे गए ऐसे गवाह या साक्ष्य, जैसा भी मामला हो, नियोजक को प्रस्तुत करने की तिथि से प्रभावी होगा। (4) प्रूप-VII में दी जाने वाली नोटिस आवेदक को या तो व्यक्तिगत रूप से प्रासिद्ध रसीद लेने के बाद या पंजीकृत डाक द्वारा पावती के साथ या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दिया जाएगा । (5) धारा 56 की उप-धारा (2) के तहत दिया जाने वाल नोटिस प्रपत्र-सात में होगा। 13. उपादान भुगतान का प्रक्रिया:- संहिता के तहत देय उपादान का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से या पात्र कर्मचारी, नामनिर्देशिती या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, के बैंक खाते में अंतरित करके किया जाएगा। परन्तु, यह कि भुगतान के विवरण की सूचना भी नियोजक द्वारा क्षेत्र के सक्षम प्राधिकार को दी जाएगी । 14. धारा-56 की उपधारा (5) के खण्ड (बी) के अधीन सक्षम प्राधिकार को निदेश हेतु आवेदन:- (1) यदि कोई नियोजक:- (क) नियम 11 के तहत नामनिर्देशन स्वीकार करने या उप-नियम (1) के तहत दायर किए जाने के लिए मांगे गए आवेदन पर विचार करने से इन्कार करता है, या (ख) नियम 12 के उप नियम (1) खंड (क) के तहत नोटिस जारी करता है या उपादान की राशि निर्दिष्ट करता है जिसे आवेदक द्वारा देय से कम माना जाता है या उपादान के भुगतान की पात्रता को अस्वीकार किया जाता है, या (ग) उप नियम (1) के तहत आवेदन प्रास होने के बाद, नियम 12 के उप- नियम (2) आवश्यक नोटिस जारी करने में विफल रहता है, दावेदार कर्मचारी, नामनिर्देशिती या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, आवेदन के लिए उत्पन्न वाद हेतु के एक सीमित अस्सी दिनों के भीतर, धारा 56 के उपधारा (5) के तहत निर्देश जारी करने हेतु स्क्रम प्राधिकारी को प्रपत्र-VIII में, जितनी विपक्षियों की संख्या हो उतनी आवेदन की प्रतियों को संलग्न करते हुए आवेदन कर सकता है, परन्तु, यह कि इस उपनियम के तहत किसी भी आवेदन को निर्दिष्ट अवधि के समाप्ति के बाद आवेदक द्वारा पर्याप्त कारण बताए जाने पर स्वीकार कर सकता है।
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- (2) उप-नियम (1) के तहत आवेदन तथा ऐसे आवेदन से संबंधित अन्य दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पंजीकृत डाक पावती सहित अथवा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे जाएंगे |
15. निदेश के लिए आवेदन पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया:-
- (1) नियम 14 तहत आवेदन प्राप्त होने पर, सक्षम प्राधिकारी, प्रप्र-IX में एक नोटिस जारी करके, पंजीकृत डाक पावती सहित या व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक रूप से आवेदक के साथ साथ नियोजक को उसके समक्ष उपस्थित हेतु, निर्दिष्ट तिथि, समय व स्थान पर या तो स्वयं अथवा अपने प्रधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सभी प्रासंगिक दस्तावेजों और साक्ष्यों, यदि कोई हो, की स्वयं के समक्ष उपस्थित होने का निदेश देंगें ।
- (2) कोई भी व्यक्ति, जो नियोजक या कर्मचारी या नामनिर्देशिती या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, की ओर से प्रतिनिधित्व करना चाहता है, सक्षम प्राधिकारी को नियोजक या संबंधित व्यक्ति, जैसा भी मामला हो, जिसकी ओर से वह प्रतिनिधित्व करना चाहता है, एक अधिकार पत्र प्रस्तुत करेगा, साथ में इस मामले में अपनी रूचि को स्पष्ट करते हुए तथा प्रतिनिधित्व की अनुमति हेतु प्रार्थना के साथ एक लिखित कथन प्रस्तुत करेगा। सक्षम प्राधिकारी उसपर या तो अपनी स्वीकृति प्रदान करेगा या अस्वीकृत करेगा। अस्वीकृति करने की स्थिति में कारणों को स्पष्ट करते हुए सक्षम प्राधिकारी एक आदेश दर्ज करेगा।
- (3) अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उस्तिथ होने वाला पक्ष प्रतिनिधि के कृत्यों से बाच्य होगा ।
- (4) उप-नियम (1) के तहत नियम तिथि सुनवाई पूरी होने के बाद, या इस तरह के अन्य साक्ष्य, दस्तावेजों की जांच गवाहों, सुनवाई और जांच के बाद, जैसा कि आवश्यक समझा जाए, सक्षम प्राधिकारी अपने निष्कर्ष को दर्ज करेगा कि क्या आवेदक को संहिता के तहत कोई राशि देय है, निष्कर्ष की प्रति प्रत्येक पक्षकार को दी जाएगी ।
- (5) यदि नियोजक नोटिस के उचित तामिला के बाद भी बिना पर्यास कारण के सुनवाई की निर्दिष्ट तिथि पर उपस्थित होने में विफल रहता है, तो सक्षम प्राधिकारी आवेदन को एकपक्षीय सुनवाई और निर्धारित करने के लिए आगे बढ़ सकता है। यदि आवेदक पर्यास कारण के बिना सुनवाई की निर्दिष्ट तिथि पर उपस्थित होने में विफल रहता है, तो सक्षम प्राधिकारी आवेदन को खारिज कर सकता है। परन्तु, यह कि नियम 15 के तहत पारित आदेश की तिथि से तीस दिनों के भीतर उचित कारणों के दर्शाए जाने पर पुनर्विलोकन की जा सकती है और आवेदन की
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पुनःसुनवाई के लिए विपक्षी को कम से कम चौदह दिन के नोटिस देने के बाद पुनः सुनवाई की जा सकती है । 16. सुनवाई का स्थान और समय:- सक्षम प्राधिकारी की बैठकें ऐसे समय पर और ऐसे स्थान पर आयोजित की जाएगी, जो वह नियत करें और जैसा वह उचित समझे, वह पक्षकारों को उस प्रकार से सूचित करेगा । 17. शपथ का प्रशासन:- सक्षम प्राधिकारी अपने कार्यालय के किसी लिपिक को शपथ पत्र देने के प्रयोजन से शपथ दिलाने हेतु प्राधिकृत कर सकता है। 18. साक्षी को सम्मन करना और हाजिर होना:- सक्षम प्राधिकारी उनके समक्ष कार्यवाही के किसी भी चरण में, उसके समक्ष कार्यवाही में शामिल किसी भी पक्ष द्वारा आवेदन पर या उसके बिना, और ऐसी शर्तों पर जो सक्षम प्राधिकारी को उचित प्रतीत हो, किसी भी व्यक्ति को प्रभुप-IX में सम्मन जारी कर सबूत देने के लिए या दस्तावेज पेश करने के लिए या दोनों उद्देश्यों के लिए एक निर्दिष्ट तिथि, समय और स्थान पर बुला सकता है। 19. सम्मन व नोटिस की तामिला:
- (1) उपनियम (2) के प्रावधानों के अधीन सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किसी भी नोटिस, सम्मन, प्रक्रिया या आदेश का तामीला व्यक्तिगत रूप से या पंजीकृत डाक पावती द्वारा या इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जा सकती है या सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (1908 का 05) के तहत निर्धारित किसी अन्य तरीके से ।
- (2) जहां सक्षम प्राधिकारी के समक्ष किसी कार्यवाही के पक्षकारों के रूप में कोई व्यक्ति हैं और ऐसे व्यक्ति किसी ट्रेड यूनियन अथवा एसोसिएशन के सदस्य हैं या किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाता है, सचिव पर या जहां कोई सचिव नहीं है, ट्रेड यूनियन या एसोसिएशन के प्रमुख अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति पर नोटिस या सम्मन की तामील की जाएगी, ऐसे व्यक्ति पर नोटिस या सम्मन की तामील को संबंधित पक्षकार पर तामील समझा जाएगा ।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा मामलों के अभिलेख का रख रखाव:-
- (1) सक्षम प्राधिकारी धारा 56 के तहत प्रत्येक मामले का विवरण दर्ज करेगा और आदेश पारित करते समय इस प्रकार दर्ज किए गए विवरणों पर तिथि के साथ हस्ताक्षर करेगा ।
- (2) सक्षम प्राधिकारी प्रत्येक मामले में आदेश पारित करते समय, मामले के गुणागुण के आधार पर निष्कर्ष को भी दर्ज करेगा और आदेश पत्र के साथ साक्ष्य के जापन को भी संचिका में अनुलग्न करेगा ।
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- (3) किसी भी आदेश या निर्देश के अतिरिक्त कोई भी अभिलेख, जो इन नियमों द्वारा सक्षम पदाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित होना आवश्यक है, सक्षम प्राधिकारी की ओर से और उनके निर्देश में लिखित रूप से नियुक्त किसी भी अधिनस्थ अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित किया जा सकता है ।
- उपादान भुगतान हेतु निर्देश:- यदि नियम 15 के उप-नियम (4) के तहत एक निष्कर्ष दर्ज किया जाता है कि आवेदक संहिता के तहत उपादान के भुगतान का हकदार हैं, तो सक्षम प्राधिकारी संबंधित नियोजक को प्रस्प-X में इलेक्ट्रॉनिक रूप से या पंजीकृत डाक पावती द्वारा या व्यक्तिगत रूप से देय राशि को विनिदिष्ट करते हुए नियोजक द्वारा नोटिस प्राप्त किए जाने के तीस दिन के अंदर पूर्णांकित की जाएगी और आवेदक को भुगतान करने का निर्देश देते हुए नोटिस जारी करेगा, नोटिस की एक प्रति आवेदक कर्मचारी, नामनिर्देशिती, या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, को पूर्णांकित की जायेगी ।
22. अपील:-
- (1) संहिता की धारा 56 की उप धारा (8) के तहत अपील का जापन अपीलीय प्रधिकारी को उसकी एक प्रति के साथ प्रतिपक्षी और सक्षम प्राधिकारी को या तो व्यक्तिगत रूप से या पंजीकृत डाक पावती के तहत या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्तांतर कराते हुए प्रस्तुत किया जाएगा ।
- (2) अपील के जापन में मामले का तथ्य, सक्षम प्राधिकारी का निर्णय, अपील के आधार और मांगी गई राहत शामिल होगी ।
- (3) अपील के जापन के साथ सक्षम प्राधिकारी का निर्णय एवं उपादान भुगतान के निर्देश की अभिप्रामाणित प्रति संलग्न किया जाएगा ।
- (4) अपील के जापन की प्रति प्रास होने पर, सक्षम प्राधिकारी मामले का अभिलेख अपीलीय प्राधिकारी को अग्रेशित करेगा ।
- (5) अपील के जापन की प्रति प्राप्त होने के चौदह दिनों के भीतर, प्रतिपक्षी जापन के प्रत्येक कंडिका की अपनी टिप्पणीयाँ को अतिरिक्त दलीलों के साथ, यदि कोई हो, अपीलकर्ता को एक प्रति के साथ अपीलीय प्राधिकारी को प्रस्तुत करेगा ।
- (6) अपील के पक्षकारों को सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद अपीलीय प्राधिकारी अपना निर्णय दर्ज करेगा। निर्णय की एक प्रति अपील के पक्षकारों को इलेक्ट्रॉनिक या पंजीकृत डाक पावती के साथ या व्यक्तिगत रूप से दी जाएगी और उसकी एक प्रति मामले के अभिलेख लौटाते हुए सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी।
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- (7) सक्षम प्राधिकारी, अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय की प्रासिद्धि पर, उनके द्वारा संधारित मामले के अभिलेख में आवश्यक प्रविधि करेगा।
- (8) अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय की प्राति पर, सक्षम प्राधिकारी, यदि उस निर्णय के तहत आवश्यक हो, उपादान भुगतान हेतु अपने निर्देश को संशोधित करेगा और संबंधित नियोजक को प्ररूप-X में एक नोटिस जारी करेगा जिसमें देय संशोधित राशि निर्दिष्ट होगी और निर्देश दिया जाएगा कि नोटिस प्राप्ति के पंद्रह दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी को सूचित करते हुए आवेदक को उसका भुगतान करें और नोटिस की एक प्रति अपीलकार्ता कर्मचारी, नामनिर्देशिती या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, और अपीलीय प्राधिकारी को पूर्णांकित करेगा ।
-
- उपादान वसूली हेतु आवेदन:- जहां कोई नियोजक नियम 21 के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा नोटिस के अनुसार संहिता के तहत देय उपादान का भुगतान करने में विफल रहता है, संबंधित कर्मचारी, उनका नामनिर्देशिती या कानूनी उत्तराधिकारी, जैसा भी मामला हो, जिसे उपादान देय है, वह संहिता की धारा 129 के तहत उसकी वसूली हेतु प्रूप-XI में दो प्रतियों में सक्षम प्राधिकारी को आवेदन कर सकता है ।
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- धारा 58 के उप धारा (1) के तहत सक्षम प्राधिकारी के रूप में नियुक्त अधिकारी की अहंता और उसका अनुभव:- राज्य सरकार के उप-श्रमायुक्त अपने अधिकार क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी होंगे ।
अध्याय-पाँच
प्रसूति प्रसुविधा
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- वह प्राधिकारी जिसके समक्ष संहिता की धारा 72 की उप-धारा (3) के तहत अपील दायर की जा सकती है:- धारा-72 की उप धारा (2) के तहत निरीक्षक सह फैसिलिटेटर के आदेश से व्यथित व्यक्ति राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार प्राप्त उप-श्रमायुक्त के समक्ष अपील दायर कर सकता है ।
अध्याय-छः
कर्मचारी प्रतिकर डारखण्ड नियमावली
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- अन्त्येष्टि व्ययों का संदायः- यदि कर्मचारी की चोट लगने के फलस्वरूप मृत्यु हो जाती है, तो नियोजक, संहिता के अधीन सक्षम प्राधिकारी के पास प्रतिकर जमा करने के अतिरिक्त ऐसे कर्मचारी की अन्त्येष्टि के व्यय के निमित्त कर्मचारी के ज्येष्ठतम उत्तरजीवी अभिषित को पन्द्रह हजार रुपये की धनराशि या राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से शुल्क
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सरकार द्वारा निर्धारित राशि का संदाय करेगा अथवा जहाँ उक्त कर्मचारी के कोई आभित न हों अथवा उसकी मृत्यु के समय उसके साथ कोई आभित न रह रहा हो वहाँ ऐसी स्थिति में अन्त्येष्टि व्ययों के निमित्त उक्त संदाय ऐसे व्यक्ति को किया जायेगा जिसने वस्तुतः ऐसा व्यय उपगत किया हो । 27. धारा 79 की उपधारा (1) के अधीन चिकित्सा प्रमाण पत्र के बिना अर्द्धमासिक संदायों की पुनर्विलोकन हेतु आवेदन:- धारा 79 की उपधारा (1) के अधीन अर्द्धमासिक संदाय की पुनर्विलोकन हेतु आवेदन, चिकित्सा प्रमाण-पत्र संलग्न किये बिना निम्नलिखित द्वारा किया जा सकता है:-
- (ख) कर्मचारी द्वारा इस आधार पर कि जब से प्रतिकर का अधिकार अवधारित किया गया है तब से उसकी मजदूरी घट गयी है;
- (ग) कर्मचारी द्वारा इस आधार पर कि नियोजक ने प्रतिकर का अदा करना प्रारंभ करके प्रतिकर अदा करना बन्द कर दिया है, यह तथ्य होते हुए भी कि कर्मचारी की दशा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जैसे ऐसा कार्यारोध का उचित कारण बताना ।
- (च) नियोजक या कर्मचारी द्वारा, इस आधार पर कि तत्समय प्रवृत्त प्रतिकर की दर का अवधारण कपटपूर्वक अथवा असम्म्यक प्रभाव से या अन्य अनुचित साधनो से किया गया था अथवा
- (ड.) नियोजक या कर्मचारी द्वारा इस आधार पर कि प्रतिकर का अवधारण फिके जाने में कोई ऐसी चूक या त्रुटि हुई है, जो अभिलेखावलोकन से प्रकट होती है ।
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- नोटिस पुस्तिका:- प्रत्येक नियोजक, जिस पर संहिता लागू हो, धारा 82 की उपधारा (4) के अनुसार प्ररूप-XII में एक नोटिस पुस्तिका अनुरक्षित करेगा।
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- चिकित्सीय परीक्षणों की संख्या पर निर्बंधन:- ऐसे किसी कर्मचारी, जो अर्द्धमासिक संदाय प्राप्त करता हो, से दुर्घटना के पश्चात् प्रथम माह में दो बार से अधिक अथवा किसी अनुवर्ती माह में एक बार से अधिक उसके वर्तमान निवास स्थान पर चिकित्सीय परीक्षण के लिये स्वयं प्रस्तुत होने की अपेक्षा नहीं की जायेगी।
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- घातक दुर्घटनाओं का विवरण:- धारा 88 की उपधारा (1) के द्वारा अपेक्षित विवरण प्ररूप-XIII में होगा ।
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- ज्ञापन का प्रारूप- धारा 89 की उपधारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित करार ज्ञापन, जब तक सक्षम प्राधिकारी अन्यथा निदेश न दे, दो प्रतियों में होगा और उक्त ज्ञापन परिस्थितिजन्य मामले के अनुरूप यथास्थिति प्रसू-XIV अथवा प्रसू-XIV-ए अथवा प्रसू-XIV-बी, में होगा ।
- करार स्थापन अभिलिखित करने अथवा उसे अस्वीकृत करने की प्रक्रिया:-
- (1) करार जापन प्रास किये जाने पर सक्षम प्राधिकारी, जापन अभिलिखित करने अथवा उसे अभिलिखित करने से अस्वीकृत करने का विनिम्बय करने हेतु करार के पक्षकारों को प्रूप-XV में सुनवाई का दिनांक तथा स्थान नियत करते हुये नोटिस जारी करेगा कि आपतियां बुटिपूर्ण होने पर नियत दिनांक को जापन अभिलिखित करने का उसका प्रस्ताव होगा। इस उपनियम के अधीन नोटिस, व्यक्तिगत रूप से अथवा पंजीकृत डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित की जा सकती है। परन्तु यह कि जब नोटिस लिखित रूप से अन्यथा रूप में जारी की जाय तब नोटिस उस समय उपस्थित पक्षकारों को मौखिक रूप से संसूचित की जा सकती है ।
- (2) इस प्रकार नियत दिनांक को करार के पक्षकारों की सुनवाई करने के पश्चात् सक्षम प्राधिकारी जापन अभिलिखित करने या उसे अभिलिखित करने से अस्वीकृत करने का विनिश्चय करेगा। परन्तु यह कि उपनियम (1) के अधीन नोटिस जारी किया जाना, इस प्रकार नियत दिनांक को जापन अभिलिखित करने को अस्वीकृत करने से सक्षम प्राधिकारी को रोका जाना नहीं समझा जायेगा, भले ही सम्बंधित किसी पक्षकार द्वारा कोई आपत्ति न की गयी हो।
- (3) यदि ऐसे दिनांक को सक्षम प्राधिकारी यह विनिश्चय कर लेता है कि जापन अभिलिखित नहीं किया जाना चाहिये तो वह उपस्थित पक्षकारों को अपने विनिश्चय तथा तत्सम्बंधी कारणों की सूचना देगा और यदि जापन अभिलिखित
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किया जाना चाहने वाला पक्षकार उपस्थित न हो, तो वह उक्त सूचना उक्त पक्षकार को प्रेषित करेगा । 34. अभिलिखित करने के लिये स्वीकृत ज्ञापन का रजिस्ट्रीकरण:- करार का ज्ञापन अभिलिखित करने में सक्षम प्राधिकारी प्रूप-XVI में किसी रजिस्टर में उसकी प्रविधि करायेगा, और जापन की एक प्रति पर अपने हस्ताक्षर से पृष्ठांकन की प्रविधि निम्नलिखित निबंधनों के अनुसार करायेगा जिसे वह अपने पास प्रतिधारित करेगा, अर्थात्:- "करार जापन, क्रम संख्या........... वर्ष, 20........ आज दिनांक........... सन्...........को रजिस्टर में अभिलिखित किया गया। हस्ताक्षर..................... सक्षम प्राधिकारी 35. धारा 91 की उप-धारा (1) के अधीन सक्षम प्राधिकारी की अहंता तथा उसका अनुभव:- राज्य सरकार के उपश्रमायुक्त अपने अधिकार क्षेत्र में सक्षम प्राधिकारी होंगे । 36. धारा 93 की उपधारा (3) के अधीन आवेदन:- जब राहत के लिये आवेदन किसी दस्तावेज पर आधारित हो तब उक्त दस्तावेज आवेदन के साथ संलग्न किया जायेगा; परन्तु यह कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुज्ञा से उच्च दस्तावेज आवेदन की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किये जा सकते हैं । 37. गलत सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया गया आवेदन:-
- (1) यदि आवेदन प्राप्त होने पर सक्षम प्राधिकारी को यह प्रतीत होता है कि उसे अन्य सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया जाना चाहिये तो वह उसे आवेदक को उस पर प्रस्तुतिकरण तथा वापसी का दिनांक, उसे वापस किये जाने का कारण और सक्षम प्राधिकारी का पदनाम, जिसे इसे प्रस्तुत किया जाना चाहिये, पूर्णकित करने के पश्चात् वापस कर देगा ।
- (2) यदि किसी मामले में प्रक्रम में सक्षम प्राधिकारी को यह प्रतीत होता है कि आवेदन अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा ग्रहण किया जाना चाहिये तो वह उस मामले की पत्रावली उस प्राधिकारी, जिसके पास अधिकारिता है, को भेजेगा और तत्सम्बन्ध में आवेदक और पक्षकारो को सूचित करेगा ।
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- (3) ऐसा सक्षम प्राधिकारी, जिसे उक्त मामला अंतरित किया गया हो, कार्यवाही जारी रखेगा मानों पूर्व कार्यवाहियाँ उसके समक्ष की गई हों, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि इससे पक्षकारों के हित पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
-
- आवेदन का संक्षिप्त रूप में खारिज किया जाना:-
- (1) सक्षम प्राधिकारी, आवेदन पर विचार करने के पश्चात् और आवेदक की किसी परीक्षा के परिणाम के पश्चात्, आवेदन को संक्षिप्त रूप में खारिज कर सकता है, यदि, अभिलिखित किये जाने वाले कारणों से उसकी यह राय हो कि उस पर कार्यवाही किये जाने के पर्यास आधार नहीं है:-
- (2) यदि आवेदन, सक्षम प्राधिकारी द्वारा संक्षेपत: खारिज नहीं किया जाता है तो वह विरोधी पक्षकार या पक्षकारों, जिसके/जिनके विरुद्ध राहत की अपेक्षा की गयी हो, संलग्न आवेदन और अन्य दस्तावेजों की प्रति के साथ नोटिस जारी करेगा ।
-
- पक्षकारों के निवेदन:-
- (1) यदि विरोधी पक्षकार, दावे का प्रतिवाद करना चाहता हो, तो वह दस्तावेजों के साथ एक लिखित कथन दाखिल कर सकता है, और यदि कोई लिखित कथन दाखिल न किया गया हो, तो सक्षम प्राधिकारी दावे के सम्बंध में उसका परीक्षण करने की कार्यवाही करेगा, और परीक्षण के परिणाम को लिपिबद्ध करेगा ।
- (2) यदि विरोधी पक्षकार लिखित कथन दाखिल करता है, तो आवेदक दस्तावेजों के साथ प्रत्युत्तर दाखिल कर सकता है ।
-
- विवाचक विरचित किया जाना:-
- (1) पक्षकारों के किसी लिखित कथन और उनकी किसी परीक्षा के परिणाम पर विचार करने के पश्चात्, सक्षम प्राधिकारी मामले के विनिश्चय के लिये विवादक विरचित कर सकता है, यदि वह अवश्यक समझें ।
- (2) जहाँ विधि और तथ्यों के विवाचक विरचित किये जाय और यदि प्राधिकारी की यह राय हो कि मामले का विनिश्चय विधि विवाचकों के आधार पर किया जा सकता है तो वह उन विवाचकों पर सुनवाई की कार्यवाही करेगा और विधि विवाचकोंपर विनिश्चय के पश्चात् तथ्यों के विवाचकों पर सुनवाई की कार्यवाही की जायेगी ।
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- डायरी:- सक्षम प्राधिकारी किसी आवेदन से सम्बंधित कार्यवाहियों की एक संक्षिप्त डायरी अनुरक्षित करायेगा ।
42. साक्ष्य:-
- (1) विवाचक विरचित किये जाने के पश्चात् पक्षकार अपना-अपना साक्ष्य शपथ-पत्र पर प्रस्तुत कर सकते हैं, जिस पर विरोधी पक्षकार को प्रतिपरीक्षा का अधिकार होगा । (2) कार्यवाहियों के लिए किसी पक्षकार द्वारा आवेदन किये जाने पर और सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित फीस और ट्यूशन को जमा किये जाने पर, सक्षम प्राधिकारी किसी साक्षी को सम्मन कर सकता है, जिसका साक्ष्य उसकी राय में मामले का न्यायसंगत विनिश्चय करने के लिये आवश्यक हो ।
- (3) समस्त साक्षीयों के साक्ष्य, सक्षम प्राधिकारी की उपस्थिति में अभिलिखित किये जायेंगे और उसके हस्ताक्षर तथा मुहर से अभिप्रमाणित किये जायेंगे ।
- शुल्क का पैमाना:- मामले की कार्यवाहियों से संबंधित शुल्क वही होगी जैसा कि राज्य सरकार द्वारा समय समय पर अवधारित किया जाय: परन्तु यह कि यदि किसी मामले में आवेदक, किसी कारणवश शुल्क का अग्रिम संदाय करने में असमर्थ हो तो सक्षम प्राधिकारी अग्रिम शुल्क जमा किए बिना कार्यवाही कर सकता है और यह निदेश दे सकता है कि शुल्क का संदाय, मामले के अंतिम विनिश्चय के पश्चात् देय होगा ।
44. आनुपंजिक लागत:-
- (1) विवाद का कोई पक्षकार, जो विनिश्चय, डिक्री, अथवा अन्य दस्तावेज की प्रमाणित प्रतियाँ प्राप्त करना चाहे, उन्हें निम्नलिखित दर पर संदाय करके प्राप्त कर सकता है:- (क) किसी अभिलेख दस्तावेज अथवा कथन अथवा आदेश अथवा डिक्री की प्रतियाँ की लागत, प्रति पूछ 5/- रुपये तथा आवेदन की प्रति के लिए 10 रुपये होगी; (ख) सम्मन अथवा नोटिसें तामील किये जाने की लागत अथवा साक्षियों के व्यय अथवा पूर्व में निर्दिष्ट न किये गये किसी मामले में संदेय लागत की धनराशि वही होगी जैसा कि न्यायालय द्वारा प्रत्येक मामले में विनिर्दिष्ट किया जाय और ऐसी धनराशि तथा इस नियम के अधीन संदेय किसी अन्य धनराशि का संदाय ऐसी रीति से तथा ऐसे समय के भीतर किया जायेगा जैसा कि विनिर्दिष्ट किया जाय;
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- (ग) न्यायालय, जब कभी आवेदक के आवेदनों पर या अन्यथा रूप में यह पाता है कि आवेदक लागत का संदाय करने में असमर्थ है, आवेदक को व्यय का संदाय किये जाने से छूट प्रदान कर सकता है ।
- (2) कोई व्यक्ति, जो विवाद का पक्षकार न हो, उपर उल्लिखित खण्डों में विहित शुल्कों का संदाय करके गोपनीय दस्तावेजों को छोड़कर विनिम्बय, डिक्री या अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर सकता है ।
45. सम्बंधित मामलों में प्रक्रिया:-
- (1) जहाँ किसी स्काम प्राधिकारी के समक्ष लम्बित दो या उससे अधिक मामले एक ही दुर्घटना से उद्भूत हुये हॉं और सम्मिलित कोई विवाधक ऐसे दो या उससे अधिक मामलों के लिये सामान्य हो वहाँ ऐसे मामलों की सुनवाई एक साथ की जा सकती है, जहां तक ऐसे विवाधक वाले साक्ष्य का सम्बन्ध हो ।
- (2) जहाँ कार्यवाही उप-नियम(1) के अधीन की जाय वहाँ सामान्य विवाचक या विवाचकों से संबंधित साक्ष्य को एक मामले के अभिलेख में अभिलिखित किया जायेगा, और सक्षम प्राधिकारी ऐसे किसी अन्य मामले के अभिलेख अपने हस्ताक्षर से उस सीमा तक प्रमाणित करेगा जिस सीमा तक इस प्रकार अभिलिखित साक्ष्य ऐसे अन्य मामले तथा ऐसे तथ्य के लिये लागू होता हो कि ऐसे अन्य मामलों के पक्षकारों के पास साक्ष्य हेतु प्रतिपरीक्षित किये जाने हेतु उपस्थित होने का अवसर था, यदि वे उपस्थित होते ।
46. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के कतिपय उपबंधों का लागू होना:-
उक संहिता या इस नियमावली में अभिव्यक्त रूप अन्यथा उपबंधित के सिवाय सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (अधिनियम संख्या 5 सन् 1908) की प्रथम अनुसूची के निम्नलिखित उपबंध अर्थात्, वे उपबंध, जो आदेश-5 के नियम 9 से 13 और नियम 15 से 30 में अन्तर्विष्ट हो; आदेश-9; आदेश-12 के नियम 3 से 10; आदेश-16 के नियम 2 से 21; आदेश-17; और आदेश-23 के नियम 1 और 2 सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष कार्यवाहियों के लिये लागू होंगे, जहाँ तक वे उन पर लागू हो; परन्तु यह कि:-
- (i) उक्त उपबंधों को लागू करने को सुगम बनाने के प्रयोजनार्थ सक्षम प्राधिकारी ऐसे परिवर्तनों के साथ उन्हें सन्निमित कर सकता है, जिनसे सारभूतांश प्रभावित न हो, जैसा कि उसके समक्ष प्रस्तुत मामले के लिये उन्हें अंगीकृत करना आवश्यक या उचित हो ।
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- (ii) सक्षम प्राधिकारी, पर्याप्त कारणों से उक्त उपबंध से भिन्न अन्यथा रूप में कार्यवाही कर सकता है यदि उसका यह समाधान हो जाय कि उससे पक्षकारों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।
- धारा 101 के तहत उपकर की राशि का भुगतान करने की समय सीमा-
-
- धारा 105 की उप-धारा (2) के तहत अपील के लिए शुल्क- विवाद या जुम्माना या दोनों में राशि के एक प्रतिशत के बराबर शुल्क, जैसा कि इस तरह की अपील के तहत हो सकता है।
-
- धारा 120 की उप-धारा (1) के तहत किसी भी चल या अचल संपत्ति को प्राप्त करने, रखने, बेचने या अन्यथा हस्तांतरित करने की शर्तें, धन जुटाने के लिए शर्तें, बढ़ाने और उपाय करने के लिए उप-धारा (2) शर्तों के तहत निवेश को फिर से निवेश करना या महसूस करना, उप-धारा (3) के तहत इस तरह के ऋणों के समाप्त करने के लिए उप-धारा (4) के तहत भविष्य या अन्य लाभ अधिकारियों और कर्मचारियों या उनके किसी भी वर्ग के लाभ के लिए संगठित करने के लिए राज्य सरकार की शर्तों को वित्त विभाग से परामर्श के बाद अधिसूचित कर सकती है।
- धारा 121 के तहत अपूर्णीय बकाया राशि लिखने की शर्त और तरीके-
- जहाँ ड्डारखण्ड असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड का विचार है कि बोर्ड के कारण अंशदान, उपकर, व्याज और हर्जाना की राशि अपरिवर्तनीय हो गई है, बोर्ड या कोई
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अन्य अधिकारी इस ओर से अधिकृत, निम्नलिखित शर्तों के अधीन, उक्त राशि के लेखन को मंजूरी दे सकता है:-
- (i) स्थापना को पांच साल के अधिक समय से बंद कर दिया गया है और सभी संभावित प्रयासों के बावजूद नियोक्ता का पता नहीं लगाया जा सकता है ;
- (ii) डिफाल्ट करने वाले नियोक्ता की पर्याप्त संपत्ति के लिए बोर्ड द्वारा प्राप्त डिग्री को सफलतापूर्वक निष्पादित नहीं किया जा सकता है ; या
- (iii) अंशदान के लिए दावा पूरी तरह से पूरा नहीं किया गया है -
- (क) कारखानों/प्रतिष्ठानों की स्थिति में आधिकारिक परिसमापक परिसमापन में चला गया या
- (ख) सरकार द्वारा इकाई का राष्ट्रीकरण या अधिग्रहण किए जाने की स्थिति में।
- धारा 122 की उप-धारा (6) के खंड (ई) के तहत निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के अन्य अधिकार-
- धारा 123 के खंड (घ) क्लॉज़ (ए) के तहत रेकॉर्ड और रजिस्टर और विवरणों और विवरणों के रख-रखाव के लिए फॉर्म और तरीके, क्लॉज़ (बी) के तहत कर्मचारियों के कार्य स्थानों पर नोटिस प्रदर्शित करने के तरीके और फॉर्म और अधिकारियों अथवा प्राधिकारों को रिटर्न दाखिल करने के तरीके और अवधि। (1) महिला कर्मचारियों का रजिस्टर-(क) प्रत्येक प्रतिधान का नियोक्ता जिसमें महिलाएं कार्यरत हैं, वे प्रण- XVII में महिला कर्मचारियों के रजिस्टर को इलेक्ट्रॉनिक रूप से या हार्ड कॉपी में संधारित रखेंगी और प्रतिधान में सभी श्रमिकों के विवरण दर्ज करेंगी । इसके अलावा, यह हमेशा निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता के लिए अधिसूचित निरीक्षण योजना के तहत निरीक्षण के लिए उपलब्ध होगा ।
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(ख) नियोक्ता महिला कर्मचारियों के रजिस्ट्र में दर्ज कर सकता है जैसे कि कोड के किसी अन्य उद्देश्य के लिए आवश्यक हो सकता है। (2) अभिलेख-संहिता के अध्याय V के तहत रखे गए अभिलेख और उसके तहत तैयार नियमों को उनकी तैयारी की तारीख से दो साल की अवधि के लिए संरक्षित किया जाएगा। (3) वार्षिक रिटर्न- (क) वह नियोक्ता जिसके लिए कोड के अध्याय V के प्रावधान लागू होते हैं, वे प्रत्येक वर्ष में फरवरी के पहले दिन या उससे पहले सरकार के वेब पोर्टल पर प्रशु-XVIII में पूर्ववर्ती वर्ष के संबंध में निर्दिष्ट विवरणों की जानकारी देने हुए एकीकृत वार्षिक रिटर्न अपलोड करते हैं। बशर्ते कि निरीक्षण के दौरान, निरीक्षक-सह-सुविधाकर्ता को एलेक्ट्रॉनिक रूप में या अन्यथा रखे गए खातों, पुस्तकों, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों के प्रस्तुत करने की आवश्यकता हो सकती है। (ख) हर नियोक्ता एलेक्ट्रॉनिक रूप से या अन्यथा ऐसे अधिकारी या प्राधिकरण को रिटर्न दाखिल करेगा जैसा की सामान्य या विशेष आदेश द्वारा राज्य सरकार द्वारा तय किया जा सकता है । स्पष्टीकरण-इस उप-नियम के प्रयोजनों के लिए, अभिम्ब्यत्कि "एलेक्ट्रॉनिक रूप" का वही अर्थ होगा जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 के खंड (आर) में दिया गया है। (ग) यदि नियोक्ता जिस पर कोड लागू करता है, वह प्रतिष्ठान के कामकाज को बेचता है, छोड़ देता है या बंद कर देता है, तो, वह इस तरह की बिक्री या परित्याग की तारीख के एक महीने के भीतर या इस तरह के अनियमित होने की तारीख के चार महीने के भीतर जैसा भी मामला हो, सरकार के वेब पोर्टल पर प्रण-ख्विम में आगे एकीकृत रिटर्न ऑनलाइन अपलोड कर सकेगा, जो खंड (क) में संदर्भित किया जाता है एवं पूर्ववर्ती वर्ष के अंत और बिक्री की तारीख, परित्याग या अनियमित के बीच की अवधि के संबंध में है।
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अध्याय-सात
अपराध और शास्तियां
-
- धारा 138 के अधीन अपराधों के प्रशमन के लिये आवेदन का प्रपत्र और अपराधों के प्रशमन की रीति:
- (1) यदि धारा 138 की उपधारा (1) के अधीन अपराधों के प्रशमन के प्रयोजनार्थ राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अधिकारी (जिसे आगे ‘प्रशमनकर्ता’ अधिकारी' कहा गया है) की यह राय हो कि उक्त संहिता के अधीन अपराध प्रशमनीय है तो वह नियोजक को प्ररूप-XIX में हस्ताक्षर रूप से या इलेक्ट्रॉनिक रूप से नोटिस प्रेषित करेगा।
- (2) नियोजक यदि ऐसा चाहे, प्रशमनकर्ता अधिकारी को प्ररूप-XX में हस्ताक्षरित रूप से या इलेक्ट्रॉनिक रूप से आवेदन करेगा और उपनियम (1) के अधीन नोटिस प्राप्त किये जाने के तिथि से पन्द्रह दिन के भीतर उक्त धनराशि इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा करेगा।
- (3) यदि अभियुक्त उप-धारा (2) की अपेक्षा का अनुपालन करता है तो प्रशमनकर्ता अधिकारी, अभियुक्त द्वारा जमा की गयी धनराशि के निमित्त अपराध प्रशमित करेगा और यदि अभियुक्त के विरुद्ध अभियोजन संस्थित न किया गया हो तो अभियोजन हेतु कोई शिकायत अभियुक्त के विरुद्ध संस्थित नहीं की जायेगी ।
- (4) यदि अभियोजन संस्थित किये जाने के पश्चात् अपराध प्रशमित किया जाता है तो प्रशमनकर्ता अधिकारी, धारा 85 की उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त प्राधिकारी या सक्षम न्यायालय, जिसमें अभियोजन लंबित हो, को सूचित करेगा और ऐसी सूचना प्राप्त करने के पश्चात् उक्त अधिकारी या न्यायालय अभियुक्त को निर्माणित कर देगा तथा अभियोजन को बंद कर देगा ।
- (5) प्रशमनकर्ता अधिकारी, राज्य सरकार के निदेश, नियंत्रण तथा पर्यवेक्षण के अध्याधीन इस नियम के अधीन अपराध प्रशमित करने की शक्तियों का प्रयोग करेगा ।
32 डॉ अरखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
अध्याय-आठ
ड्जारखण्ड नियोजन की सूचना और उसका अनुश्रवण।
- धारा 2 के खंड (9) के तहत कैरियर सेंटर तथा कैरियर सेवाओं की स्थापना एवं रख-रखाव की प्रक्रिया:
- (1) राज्य सरकार अधिसूचना के माध्यम से खंड स्तर तक कैरियर सेन्टर की स्थापना, संचालन एवं रख-रखाव कर सकती है अथवा पूर्व में ही स्थापित अपने कार्यालय अथवा रोजगार कार्यालय अथवा दोनों अथवा किसी पोर्टल अथवा किसी इस प्रकार के सेन्टर को कैरियर सेन्टर के रूप में संशोधित एवं घोषित कर सकती है। इस प्रकार की अधिसूचना के पूर्ण होने तक मौजूदा स्थानीय रोजगार कार्यालय कैरियर सेन्टर (क्षेत्रीय/स्थानीय) के रूप में कार्य करते रहेंगे ।
- (2) राज्य सरकार किसी करियर सेंटर के संचालन हेतु किसी संस्थान, स्थानीय प्राधिकारी, स्थानीय निकाय अथवा निजी निकाय से समझौता भी कर सकती है।
- (क) निम्नलिखित के संबंध में रजिस्टरों के रख-रखाव अथवा किसी अन्य तरीके से जैसे कि मैनुअली, डिजिटल माध्यम से वर्चुअली अथवा अन्य किसी माध्यम से सूचना का संग्रहण एवं प्रेषण किया जाएगा ।
- (i) कामगारों को नियोजित करने वाले व्यक्ति |
- (ii) रोजगार की मांग करने वाले व्यक्ति।
- (iii) रिक्तियों की उपलब्धता और
- (iv) व्यावसायिक मार्गदर्शन तथा करियर काउंसलिंग अथवा स्व-रोजगार शुरू करने के संबंध में मार्गदर्शन के इच्छुक व्यक्ति ।
- (ख) व्यावसायिक मार्गदर्शन तथा कैरियर काउंसलिंग प्रदान करना |
- (ग) रोजगार मेलों तथा रोजगार ड्राइव/भर्ती कैम्पों का संचालन |
- (घ) वार्षिक रूप से रोजगार से संबंधित सर्वेक्षण तथा अध्ययन ।
- (ड.) संहिता के दायरे में आने वाले आधार्गिक संस्थानों, व्यापारिक घरानों व दूसरे संगठनों की त्रैमासिक रूप से जिला स्तर एवं वार्षिक रूप से राज्य स्तर पर संगठनिक सम्मेलन का आयोजन ।
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(च) रोजगारपरकता ऊन्नयन गतिविधियाँ, यथा अल्पकालिक प्रशिक्षण, सांप्त स्किल प्रशिक्षण, संवाद कौशल प्रशिक्षण एवं केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु कोचिंग -सह-मार्गदर्शन केन्द्र जो करियर सेंटर में संचालित की जाएगी या सार्वजनिक निजी भागीदारी व्यवस्था के तहत संचालित की जाएगी ।
55. करियर सेन्टर को रिक्तियों का प्रबंधन:
- (1) राज्य या उसके किसी क्षेत्र में यह कोड लागू होने के उपरांत राज्य या उस क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रत्येक प्रतिष्ठान के नियोक्ता उस प्रतिष्ठान के किसी नियोजन की रिक्तियों को भरने के पूर्व उस रिक्ति को नियम के निर्दिष्ट प्रावधान के अनुसार रिपोर्ट करेगा या रिपोर्ट करियर सेन्टर को प्रेषित करनेहेतु निर्देशित करेगा ।
- (2) निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठान में या निजी क्षेत्र में प्रतिष्ठानों की किसी श्रेणी या वर्ग से संबंधित किसी प्रतिष्ठान में प्रत्येक नियोक्ता अपने प्रतिष्ठान में किसी भी नियोजन में रिक्तियों को भरने से पूर्व ऐसे तरीके से उस तारीख से इस प्रकार के करियर सेंट्रॉन (क्षेत्रीय) को प्रेषित करेगा जैसा कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना के माध्यम से निर्दिष्ट किया जाय ।
- (3) राज्य सरकार नियोक्ताओं द्वारा रिपोर्ट की गई रिक्तियों की प्राप्ति हेतु एक तंत्र (डिजिटल सहित) उपलब्ध कराएगी। करियर सेन्टर जिसमें ये रिक्तियाँ प्रेषित की गई है, रिपोर्ट की गई रिक्तियों के लिए एक विशिष्ट रिक्ति सूचना संख्या (UVRN) उपलब्ध कराएगा तथा इसे तुरंत लिखित में, मेल या डिजिटल या अन्य किसी प्रकार के मीडिया के माध्यम से सूचित करेगा जिसकी समयावधि रिक्तियों की प्राप्ति की तारीख से तीन दिन होगी।
- (4) नियोक्ता यदि उस रिक्ति को मीडिया में विज्ञापित करता है या किसी एजेंसी के माध्यम से या किसी दूसरे माध्यम से बहाली करता है तो बहाली प्रक्रिया के उस विज्ञापन में विशिष्ट रिक्ति सूचना संख्या (संख्या) को निरपवाद रूप से उद्धृत करेगा ।
56. करियर सेंटर जिसे रिक्तियाँ प्रेषित की जाएगी:
निम्नलिखित रिक्तियाँ प्रेषित की जाएगी-
- (1) (क) प्रतिष्ठानों में उत्पन्न होने वाले न्यूनतम वेतन या वेतनमान या दोनों तरह के तकनीकी और वैज्ञानिक प्रकृति के पदों में केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित सभी रिक्तियाँ, जिनके संबंध में संहिता के तहत केन्द्र सरकार उपयुक्त सरकार है, तथा (ख) रिक्तियाँ जिसे एक नियोक्ता उस राज्य से बाहर प्रचारित करना चाहता है जिस राज्य में प्रतिष्ठान अवस्थित है, करियर सेंटर (क्षेत्रीय/स्थानीय) एवं करियर सेंटर
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(केंद्रीय जो इस हेतु केंद्र सरकार के आधिकारिक राजपत्र की अधिसूचना से विनिर्दिष्ट हो) दोनों को अधिसूचित या प्रेषित करेगा ।
- (3) उपर्युक्त उपनियम (1) और (2) में उल्लेखित सभी रिक्तियाँ राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार विनिर्दिष्ट करियर सेंटर को रिपोर्ट की जा सकती है या डिजिटल पोर्टल पर अपलोड की जा सकती है ।
- (1) रिक्तियाँ, जो कि करियर सेन्टर (क्षेत्रीय/स्थानीय) को रिपोर्ट की जानी आवश्यक है, रिपोर्ट की गई रिक्तियाँ के लिए नियुक्ति के उद्देश्य हेतु अथवा साक्षात्कार लिए जाने अथवा परीक्षा लिए जाने हेतु सम्भावित उम्मीदवारों के आवदेन प्राप्त होने की आखिरी तिथि से कम से कम पंद्रह दिन पहले रिपोर्ट की जाएगी ।
- (2) स्थानीय करियर सेन्टर इसके बदले में नियोक्ता और रोजगार के इच्छुक युवाओं दोनों को लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से सम्भावित उम्मीदवारों की सूची नियोजक को उपलब्ध कराएगा ।
- (3) नियोक्ता चयन की तिथि के 15 दिनों के अन्दर प्ररूप-XXII में संलग्न निर्देश प्ररूप में चयनित उम्मीदवारों के फलाफल की रिपोर्ट करेगा। उपर्युक्त का यह मतलब नहीं है कि उम्मीदवारों का चयन केवल करियर सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची से ही होगा ।
- (4) तकनीकी और वैज्ञानिक प्रकृति के पदों की रिक्तियाँ हेतु समय-सीमा करियर सेंटर (केंद्रीय) द्वारा बनाए गए नियम के अनुसार होगी ।
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- रिकाडॉ का रख-रखाव:
- (1) किसी राज्य अथवा उसके क्षेत्र में इस कोड के लागू होने के उपरांत उस राज्य अथवा क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के प्रत्येक प्रतिष्ठान के नियोक्ता द्वारा मैनुवली या इलेक्ट्रॉनिक रूप से या डिजिटल रूप से निम्नलिखित रिकार्ड रखा जाएगा।
- (क) प्रत्येक वर्ष के 31 मार्च को कर्मचारियों की कुल संख्या (नियमित, संविदा, फिक्सड टर्म रोजगार, प्रशिक्षुओं, अप्रैंटिस इत्यादि संहिता में यथा परिभाषित)
- (ख) 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान नियुक्त ट्यूक्ट
- (ग) प्रत्येक वर्ष के 31 मार्च को अपने कर्मचारियों का व्यावसायिक विवरण
- (च) 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान ऐसी रिक्तियाँ जिनके लिए उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं थें |
- (ड) अगले वित्तीय वर्ष के दौरान उत्पन्न होने वाली अनुमानित रिक्तियों की संख्या
- (2) किसी राज्य अथवा उसके क्षेत्र में इस कोड के लागू होने के उपरांत उस राज्य अथवा क्षेत्र में निजी क्षेत्र के प्रत्येक प्रतिष्ठान अथवा निजी क्षेत्र के किसी भी वर्ग अथवा श्रेणी के प्रतिष्ठान से सम्बधित प्रत्येक प्रतिष्ठान का नियोक्ता मैनुवली या इलेक्ट्रॉनिक रूप से या डिजिटल रूप से निम्नलिखित रिकार्ड रखेगा ।
- (क) प्रत्येक वर्ष के 31 मार्च को कर्मचारियों की कुल संख्या (नियमित, संविदा, फिक्सड टर्म रोजगार, प्रशिक्षुओं, अप्रैंटिस इत्यादि कोड में यथापरिभाषित)
- (ख) 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान नियुक्त किए गए व्यक्ति
- (च) 31 मार्च को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान ऐसी रिक्तियाँ जिनके लिए उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध नहीं थे
- (ड) अगले वित्तीय वर्ष के दौरान उत्पन्न होने वाली अनुमानित रिक्तियों की संख्या ।
- संहिता के अध्याय XIII के तहत दण्ड का आरोपण:- निदेशक, नियोजन अथवा उसके समकक्ष जो राज्य के करियर सेन्ट्रों (क्षेत्रीय/स्थानीय) को नियंत्रित कर रहा हो अथवा निदेशक द्वारा लिखित में प्राधिकृत पदाधिकारी जो उप-निदेशक से निम्न पद का न हो, संहिता के अध्याय XII में प्रासंगिक धाराओं के तहत अपराध के लिए दण्ड के आरोपण को स्वीकृत या प्रारम्भ करने या अनुमोदन देने हेतु सक्षम प्राधिकारी होगा ।
- दिशा-निर्देशों को जारी करना:- सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अध्याय XIII से सम्बंधित प्रावधानों तथा उसके नियमों को राज्य में लागू करने हेतु उसी रूप में और जब आवश्यक समझे, राज्य सरकार स्थानीय आवश्यकता अनुरूप सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 से संगतता रखते हुए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
(आवेदक के द्वारा सत्यापन) आवेदन में निहित तथ्यों का विवरण मेरी जानकारी एवं विश्वास से सत्य एवं सही है। ...................आवेदक का हस्ताक्षर तिथि. स्थान................................................................................................................................................................................................................................................................
38 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
प्ररुप-॥ कर्मचारी बीमा न्यायालय में .................. कार्यवाही की पंजी वर्ष 20.................. | | | आवेदक | | | विरोधी पक्ष | | दावा | | उपस्थिति | | उपस्थिति | | अंतिम | | | अपील | | अपील | | कार्यकारिणी | | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | आवेदन प्रस्तुतीकरण की तिथि | कार्यवाही की संख्या | नाम | विवरण | निवास का स्थान | ब्यौरा | मूल्य की रकम, यदि कोई हो | निवास स्थान | ब्यौरा | मूल्य की रकम | जब कार्रवाई का कारण उत्पन्न हुआ हो | पक्षों की उपस्थिति होने का दिन | आवेदक | विरोधी पक्ष | तिथि | किस के लिए | | आदेश | अपील के फैसले की तिथि | अपील में निर्णय | आवेदन की तिथि | किस के विरूद्ध | किस लिए एवं मुद्रा की रकम | लागत की रकम | आदेश की तिथि | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 | 23 | 24 | 25 | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | |
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021 39
प्ररुप-III
[देखें नियम 10 का उपनियम (1)] नामनिर्देशन सेवा में------------------------(यहाँ पूर्ण पता के साथ प्रतिभान का नाम अथवा विवरण दीजिए) मैं, श्री /श्रीमति/कुमारी ------------------------ जिसकी विशिष्टियाँ नीचे कथन में दी गयी हैं। (यहाँ पूर्ण रूप में नाम) रत्तद्वारा मेरी मृत्यु के पश्चात तथा मेरी साख में उस धनराशि के संदेय होने के पहले मेरी मृत्यु के सामले में अथवा संदेय हो जाने पर संदत नहीं कि गयी है, उपदान संदाय उपदान को प्रास करने के लिए नीचे उल्लिखित व्यक्तियों को नाम निर्देशित करता हूँ एवं यह निर्देश देता हूँ कि उपदान की उक्त धनराशि नाम निर्देशिती (गण) के नाम (नामों) के विरूद्ध इंगित अनुपात में संदत दी जायेगी।
- 2. मैं प्रमाणित करता हूँ कि उल्लिखित व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 की धारा 2 खण्ड (ज) के अर्थ के अंतगत मेरे परिवार का सदस्य है (हैं)।
-
- मैं एतद्दारा घोषित करता हूँ कि मेरा उक्त अधिनियम की धारा 2 के खंड (ज) के अर्थ अंतगत कोई परिवार नहीं है।
-
- (क) मेरे पिता / माता/ माता.पिता मुझ पर अभिसाक्षी नहीं है/ हैं। (ख) मेरे पति के पिता –माता/ माता-पिता मेरे पति पर आभित है/ हैं।
-
- मैंने उक्त अधिनियम की धारा 2 के खण्ड (ज) के पर्पंतुक के निबंधों में नियंत्रक------------------------ ---- की नोटिस के द्वारा अपने परिवार से अपवर्जित कर दी हूँ। नाम निर्देशिती (गण) | नाम निर्देशिती (गण) का पूरा नाम पता के साथ | कर्मचारी से सम्बन्ध | नामनिर्देशिती की आयु | वह अनुपात, जिसके द्वारा उपदान की हिस्सेदारी की जाएगी। | | --- | --- | --- | --- | | 1 2 | | | |
40 डारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
| 3 इसी तरह एवं इसी प्रकार | | | | | --- | --- | --- | --- |
-
- कर्मचारी का पूरा नाम
-
- लिंग
-
- धर्म
-
- क्या अविवाहित/विवाहित/विधवा/विधुर हैं
-
- विभाग/शाखा/खण्ड जहाँ नियोजित की गयी है।
-
- टिकट अथवा क्रम संख्या यदि कोई है के साथ धारित पद
-
- नियुक्ति की तारीख।
-
- स्थायी पता। गाँव-----------------थाना-----------------उपखंड-----------------डाकघर-----------------जिला----------------- -----------------राज्य----------------- स्थान : दिनांक : 2-------------------------------------------------- स्थान : मेरे द्वारा प्रस्तुत-iii में दाखिला की गयी तथा नियोक्ता द्वारा सम्म्यक रूप से प्रमाणित की गयी नामकरण की द्वितीय प्रति प्राप्त की गयी। दिनांक कर्मचारी का हस्ताक्षर
42 ड्जारखंड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
प्ररूप-IV
[देखें नियम 10 का उपनियम (3)] नयीन नामनिर्देशन सेवा में -------------------------------(यहाँ पूर्ण पता के साथ प्रतिष्ठान का नाम अथवा वर्णन दीजिए) मैं, श्री /श्रीमति/कुमारी -----------------(यहाँ पूरा नाम दीजिए) जिसकी विशिष्टियाँ नीचे कथन में दी गयी हैं, नीचे इंगित रीति से -----------------(यहाँ दिनांक दीजिए) से प्रभावी सामाजिक सुरक्षा संस्था 2020 की धारा 2 के उपधारा (33) के अर्थ के अंतर्गत परिवार अर्जित कर लिया है और इसलिए नीचे उल्लिखित व्यक्ति/व्यक्तियों को मेरी मृत्यु के पश्चात एवं साथ ही धनराशि के संदेय होने के पहले मेरी मृत्यु की स्थिति में, अथवा संदेय हो जाने पर संदतनहीं किया गया है, मेरी साख में स्थित उपदान को प्रास करने के लिए नीचे उल्लिखित व्यक्ति/व्यक्तियों का नामनिर्देशित करता है एवं यह निर्देश देता है कि उपदान की उक्त धनराशि नामनिर्देशित (गण) के नाम (नामों) के विरुद्ध इंगित अनुपात में संदत की जाएगी।
- 2. मैं एतद्द्वारा प्रमाणित करता हूँ कि उक्त अधिनियम की धारा की धारा 2 के उपधारा (33) के अर्थ के अंतगत उल्लिखित ट्यक्ति (गण) मेरे परिवार के सदस्य (गण) हैं।
-
- (क) मेरे पिता /माता/माता-पिता पर आभित है/हैं। (ख) मेरे पति के पिता/माता/माता-पिता मेरे पति पर आभित है/हैं।
-
- मैंने उक्त अधिनियम की धारा 2 के खंड (छ) के पर्तुक के निभंधनों में नियंत्रक प्राधिकारी को दिनांक .............................................की नोटिस के द्वारा अपने परिवार से अपवर्जित कर दिया है। नामनिर्देशित (गण) | नाम निर्देशिती (गण) का पूरा नाम पता के साथ | कर्मचारी से सम्बन्ध | नामनिर्देशिती की आयु | वह अनुपात, जिसके द्वारा उपदान की हिस्सेदारी की जाएगी। | | --- | --- | --- | --- | | | | | | | इसी तरह एवं इसी प्रकार | | | | | | | | |
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021 43
“परिवार” अर्जित करने की रीति
- 2. लिंग
-
- टिकट अथवा क्रम संख्या, यदि कोई है, के साथ धारित पद
-
- नियुक्ति की तारीख।
-
- स्थायी पता। गाँव.....................थाना.....................उपखण्ड.....................डाकघर.....................जिला.....................राज्य..................... कर्मचारी का हस्ताक्षर/ अँगूठा निशान नया नामकरण मेरे समक्ष हस्ताक्षरित किया/अँगूठा निशान लगाया गया। साक्षियों का पूरा नाम और पूरा पता
नियोक्ता की सदभ्र संख्या, यदि कोई हो, दिनांक: प्रतिष्ठान का नाम और पता अथवा रबर स्टम्प नियोक्ता द्वारा अभिस्वीकृति नियोक्ता द्वारा सम्यक रूप से प्रमाणित प्रपू-IV …………………………………………में नामित मेरे द्वारा दाखिल की गयी नामकरण की दिवतीय प्रति को दिनांक …………………………………………को प्राप्त किया गया
44 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
दिनांक: कर्मचारी का हस्ताक्षर
प्ररुप-V
[देखें नियम10का उपनियम (4)]
नामनिर्देशन में उपांतरण
सेवा में...................................................(यहाँ पूर्ण पता के साथ प्रतिष्ठान का नाम अथवा विवरण दीजिए) में, श्री/श्रीमती/कुमारी ..................................... (यहाँ पूरा नाम दीजिए) जिसकी विशिष्टाँ नीचे कथन में दी गयी है, जिसके द्वारा यह सूचना दी जाती है कि मेरे द्वारा दाखिल किया गया और आपके निर्देश संख्या .................................................. दिल्लीके अंतगर्त अभिलिखित नामकरण निम्नलिखित रीति से उपांतरित हो जाएगा। (यहाँ आश्चित उपांतरणों का विवरण दीजिए )
कथन
-
- कर्मचारी का पूरा नाम
-
- विभाग/शाखा/खण्ड जहाँ नियोजित किया गया/की गयी।
-
- टिकट संख्या अथवा क्रम संख्या, यदि कोई है, के साथ धारित पद
-
- नियुक्ति की तारीख। नामकरण का उपांतरण मेरे समक्ष हस्ताक्षरित किया/अँगूठा निशान लगाया गया। साक्षीयों का पूरा नाम और पूरा पता स्थान : दिनांक :
नियोक्ता द्वारा प्रमाण-पत्र
प्रतिष्ठान का नाम और पता अथवा रबर स्टम्प
कर्मचारी द्वारा अभिस्वीकृति
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
45
मेरे द्वारा दिनांक ...................को प्रारूप “V” में दाखिल की गयी नियोक्ता द्वारा सम्यक रूप से प्रमाणित उपांतरण के लिए नोटिस की द्वितीय प्रति को प्रास किया गया दिनांक: कर्मचारी का हस्ताक्षर टिप्पणी : प्रयोज्य न होने वाले शब्दों को काट दीजिए।
46 ड्जारखंड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
प्ररूप-VI
[देखें नियम 11 का उपनियम (1)]
कर्मचारी द्वारा उपदान का आवेदन
सेवा में ................................................................................................................................................................................................................................................................ (यहाँ पूर्ण पता के साथ प्रतिष्ठान का नाम अथवा विवरण दीजिए) श्रीमान जी, में उस उपदान के संदाय के लिए आवेदन करता हूं जिसका दिनांक…………………………………से प्रभावी रूप से पांच वर्ष से अनधिक के सतत पूर्ण करने के पथात अपनी अधिवर्षित/सेवा निवृत्त/ पद त्याग के कारण/ दुर्घटना के कारण पूर्ण निर्यांगता/ बीमारी में उस उपदान के संदाय के लिए आवेदन करता हूं, जिसका दिनांक………………………………… से प्रभावी रूप से पांच वर्ष से अनधिक के सतत पूर्ण करने के पथात अपनी अधिवर्षित/सेवा निवृत्त/पद त्याग के कारण/दुर्घटना के कारण पूर्ण निर्यांगता/बीमारी के कारण सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के अधीन में हकदार हूं, आवेदन करने की प्राथ्यता करता हूं, प्रतिष्ठान में मेरी नियुक्ति से संबंधित आवश्यक विधिहित्यां नीचे कथन में दी गयी हैं।
कथन
- 2 पूरा पत्ता
- 3 विभाग/पाखा/खण्ड, जहां अंतिम बार नियोजित किया गया/की गयी
- 4 टिकट संख्या अथवा क्रम संख्या यदि कोई हो, के साथ धारित पद
- 5 नियुक्ति की तारीख
- 6 सेवा की समाप्ति की तारीख और कारण
- 7 सेवा की कुल अवधि
- 8 अंतिम बार लिया गया पारिश्रमिक की धनराषि में ------------------(यहां बीमारी अथवा दुर्घटना की प्रकृति का विवरण दीजिए) के परिणामस्वरूप पूर्ण रूप-से निर्योग्य हो गया। संदाय को कृपया नकद/खुले अथवा रेखांकित बैंक चैक में दिया जा सकेगा। स्थान: दिनांक: आपका आज्ञाकारी, आवेदक कर्मचारी का हस्ताक्षर/ अंगूठा निशान
- टिप्पणी-1. प्रयोज्यनीय न होने वाले शब्दों को काट दीजिए।
प्ररूप-VI ए
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
नामिती के द्वारा उपदान हेतु आवेदन
श्रीमान जी, मैं उस उपदान के संदार के लिए आवेदन करने हेतु प्रार्थना करता हूँ जिसका मैं स्वागिय ---------------------------------- (कर्मचारी का नाम) जो आपके प्रतिष्ठान का कर्मचारी था और दिनांक
- को मर गया, के नाम निर्देशाती के रूप में सामाजिक सुरक्षा संस्थिता -2020 की धारा 53 की उपधारा (1) के अधीन हकदार हूँ | उपदान पूर्वत्क कर्मचारी की सेवा में रहते समय मृत्यु सेवा की ----------------------------------वर्ष की पूर्णताके पथात दिनांक-------------------------------------पूर्वत्क कर्मचारी की अध्वर्षिता अथवा समासिसेवा में रहते समय दिनांक----------------------------------से प्रभावी रूप में दुर्घटना अथवा रोग के कारण पूर्वत्क कर्मचारी की पूर्ण नियोग्यता के कारण संदेय है। मेरे दावे से संबन्धित आवश्यक विशिष्टां नीचे कथन में दी गयी हैं।
-
- कर्मचारी का नाम
-
- नामनिर्देशिती का कर्मचारी के साथ संबंध
-
- कर्मचारी की सेवा की संपूर्ण अवधि
-
- कर्मचारी की नियुक्ति की तारीख
-
- कर्मचारी की सेवा की समाप्ति की तारीख और कारण
-
- विभाग/ शाखा/ खण्ड, जहाँ कर्मचारी ने अंतिम बार कार्य किया था।
-
- कर्मचारी द्वारा टिकट/ क्रम संख्या, यदि कोई हो, के साथ अंतिम बार धारित पद
-
- कर्मचारी द्वारा अंतिम बार दिया गया कूल परिश्रमिक
-
- कर्मचारी की मृत्यु के प्रमाण के रूप में साक्ष्य/साक्षी और मृत्यु की तारीख
-
- अभिलिखित नामकरण की संदर्भ संख्या यदि उपलब्ध हो
-
- कर्मचारी को संदेय कुल उपदान
-
- दावा किए गए उपदान का हिस्सा
-
- मैं घोषणा करता हूँ की उक्त कथन में उल्लिखित विशिष्टियाँ मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विध्वास से सत्य तथा सही है।
-
- संदाय कृपया नकद/रेखांकित अथवा खुले बैंक चेक में दी जाय।
-
- चूंकि सदेय धनरापि, 1,000 ₹0 से कम है अत: मैं आपसे शोध्य धनरापि के संदाय के लिए उपरोक्त उल्लिखित पते पर उससे डाक मनीआईडर के कमीशन की कटौती करने के पश्चात् डाक मनीऑडर के द्वारा व्यवस्था करसे हेतु निवेदन करूंगा। स्थान: दिनांक: आपका आज्ञाकारी आवेदक नामनिर्देषिती का हस्ताक्षर/अंगूठा निशान
48 डॉ अरखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
प्ररूप-VI b
[देखें नियम 11 का उपनियम (2)]
विधिक वारिस के द्वारा उपदान के लिए आवेदन
श्रीमान जी, मैं उस उपदान के संदाय के लिए आवेदन करते हुए प्रार्थना करता हूँ जिसका मैं स्वागिय --------------- ------------------ (कर्मचारी का नाम) के विधिक/वारिस के रूप में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अधीन हकदार हूँ जो आपके प्रतिष्ठान का कर्मचारी था और बिना कोई नामकरण किए दिनांक- --------------------------------------- को मर गया। उपदान सेवा में रहते समय पूर्णतः कर्मचारी की मृत्यु/दिनांक------------------------ को सेवा निवृत्ति पर पूर्णतः कर्मचारी की अधिवर्षिता अथवा सेवा के --------------------------------------- वर्ष की पूर्णता के पश्चात् दिनांक----------------------------- को पूर्णतः कर्मचारी के पद त्याग/दिनांक-------------------------- से प्रभावी सेवा में रहते समय दुर्भटना अथवा रोग के कारण पूर्णतः कर्मचारी की पूर्ण निर्योग्यता के कारण संदेय है। मेरे दावे से संबंधित आवश्यक विधिहियां निम्न कथन में दी गयी हैं:
कथन
-
- आवेदक विधिक वारिस का नाम
-
- आवेदक विधिक वारिस का पूरा पता
-
- आवेदक विधिक वारिस की वैवाहिक स्थिति (अविवाहित/विवाहित/विधवा (विधूर)
-
- कर्मचारी का पूरा नाम
-
- कर्मचारी के साथ आवेदक का संबंध
-
- आवेदक और कर्मचारी दोनों का धर्म
-
- नियुक्ति की तारीख और कर्मचारी के सेवा की पूर्ण अवधि
-
- कर्मचारी की मृत्यु की तारीख और उसके समर्थन में साक्ष्य/साक्षी
-
- कर्मचारियों को संदेय कुल उपदान
-
- दावा किय गये उपदान की प्रतिशत
-
- मैं घोषणा करता हूं कि उक्त कथन में उल्लिखित विपिष्टियां मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विष्वास से सत्य और सही है। आपका आज्ञाकारी दिनांक: आवेदक विधिक वारिस का हस्ताक्षर/अंगूठा निशान
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
49
प्ररूप-VII
[देखें नियम 12 का उपनियम (1) का खण्ड (क) एवं (ख)]
उपदान के संदाय/दावा अस्वीकृत के लिए नोटिस
सेवा में ------------------------------- (यहाँ) पूरा पता के साथ प्रतिष्ठान का नाम अथवा विवरण दीजिये)
- (क) आपको सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के इजारखण्ड नियमावली, 2021 के नियम 12 के उपनियम (2) के खण्ड (क) के उपखण्ड (ii) अधीन यथा अपेक्षित सूचित किया जाता है कि उक्त नियमों के अधीन प्रप्त .....................में आपके आवेदन पर यथा इंगित उपदान के संदाय के लिए आपका दावा नीचे कथित कारणों से ग्राह्य नहीं है। कारण (यहाँ कारणों को विनिर्दिष्ट कीजिए), अथवा
- (ख) आपको एतद् द्वारा सूचित किया जाता है कि सामाजिक सुरक्षा (झारखण्ड) नियमावली 2021 की नियम 12 के उपनियम (2) के खण्ड (क) उपखण्ड (ii) के अधीन अपेक्षित है, कि ₹0…………………………… (……………………………) उपदान के रूप में आपको संदेय है/क्योंकि इस………………………………… प्रतिष्ठान के कर्मचारी………………………………… के विधिक वारिस के रूप में ………………………………………… द्वारा दिनांक………………………………… को किये गए नामकरण के निबंधनों में और ……………………………… में अभिलिखित किया गया है।
-
- कृपया आपके संदाय को नकद/खुले अथवा रेखांकित चैक में एकत्र करने के लिए........................................... पर दिनांक........................................... को...........................................(समय) बुलाया जाए।
-
- संदेय धनराषि आपको आपके आवेदन में दिए गए पते पर डाक मनीऑडर के द्वारा डाक मनीऑडर कमीशन की कटौती के पथात् जैसे आपके द्वारा वांछित हो, आपको भेजी जाएगी।
-
- परिकलन का संक्षिप्त कथन
- (1) संबंधित कर्मचारी की सेवा की कुल अवधि...........................................वर्ष...........................................माह...........................................
- (2) अंतिम बार लिया गया पारिश्रमिक
- (3) नामकरण/विधिक वारिस के रूप में/संदेय ग्राहक उपदान का अनुपात
- (4) संदेय धनराशि। स्थान:- दिनांक:- टिप्पणी:- प्रयोज्यनीय न होने वाले खण्ड को काट दीजिए। नियोक्ता/प्राधिकृत अधिकारी का हस्ताक्षर प्रतिष्ठान का नाम अथवा विवरण अथवा
50 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
रबर स्टाम्प
प्ररूप-VIII
[देखें नियम 12 का उपनियम (1) का खण्ड (क) एवं (ख)] (पूरा पता के साथ संबद्ध नियोक्ता का पूर्ण नाम) के बीच/आवेदक उपर उल्लिखित स्वार्थ्य ....................... के नियोक्ता के नाम निर्देशी का कर्मचारी एवं संवर्गी ....................... के उपर उल्लिखित नियोक्ता के विधिक वारिस का कर्मचारी एवं उपर उल्लिखित नियोक्ता का कर्मचारी है तथा स्वयं/ दिनांक ....................... को पूर्वक कर्मचारी की अधिवर्षिता/अपनी स्वयं की सेवानिवृत्ति/....................... वर्ष की सतत सेवा की पूर्णता के पश्चात् दिनांक .......................को पूर्वक कर्मचारियों के पद त्याग/....................... स्वयं अपने कारण/दिनांक.......................को पूर्वक/कर्मचारी की दुर्घटना/रोग/मृत्यु के कारण दिनांक ....................... से प्रभावी पूर्वक कर्मचारी की पूर्ण नियोग्यता के कारण सामाजिक सुरक्षा संस्थिता, 2020 की धारा-53 के अधीन उपदान के संदार का हकदार है!
- 2. आवेदक ने सामाजिक सुरक्षा संस्थिता, 2020 के नियम 1 के अधीन दिनांक ……………… को आवेदन प्रस्तुत किया, परंतु पूर्वांतिलिखित नियोत्या ने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया/ नियम………………… के उपनियम………………… के खंड………………… के अधीन उपदान की ऐसी धनराशि का प्रस्ताव करते हुए दिनांक………………… को नोटिस जारी किया, जो मेरे शोधु से कम है/नियम………………… के उपनियम………………… के खंड………………… के अधीन दिनांक………………… को उपदान के संदाय की मेरी योग्यता को अस्वीकार करते हुए नोटिस जारी किया। ऊँ नोटिस की द्वितीयक प्रति संलग्न है।
-
- आवेदक यह तर्क करता है कि विषय.................... (विषय को विनिर्दिष्ट कीजिए) पर विवाद है।
-
- आवेदक इसके संलग्नक में आवश्यक विपिधियों को प्रस्तुत करता है तथा प्राथना करता है कि नियुक्त प्राधिकारी याची को संदेय उपदान की धनराषि निर्धारित करने की कृपा करे तथा पूर्वानुमित नियोक्ता को उसे याची को संदत करने के लिए निर्देशित करे।
-
- आवेदक यह घोषित करता है कि इसके संलग्नक में दी गई विषिष्ट्यां मेरे सर्वोत्तम ज्ञान और विधास से सत्य और सही हैं। दिनांक: अवेदक का हस्ताक्षर/
ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
51
कथन
-
- दावे का आधार (कर्मचारी की मृत्यु/अधिवर्षिता/सेवा निवृत्ति/पद त्याग/नियोक्ता)
-
- कर्मचारी का पूरा नाम और पता
-
- कर्मचारी की वैवाहिक स्थिति (अविवाहित/विवाहित/विधवा/विधुर)
-
- टिकट अथवा क्रम संख्या, यदि कोई, हो के साथ कर्मचारी द्वारा धारित पद (यदि जात हो)
-
- कर्मचारी की नियुक्ति की तारीख (यदि जात हो)
-
- कर्मचारी की सेवा की समाप्ति की तारीख और कारण (अधिविर्पिता/सेवा निवृत्ति/पदत्याग/नियोक्ता/मृत्यु)
-
- कर्मचारी द्वारा सेवा की कुल अवधि
-
- यदि कर्मचारी मृत है, तब उसका दिनांक और कारण
-
- कर्मचारी की मृत्यु के समर्थन में साक्ष्य/साक्षी
-
- यदि नामनिर्देषिती हो/तब नियोक्ता से नामकरण अभिलिखित करने की संख्या और तारीख
-
- यदि विधिक वारिस हो, तब विधिक वारिस होने के समर्थन में सक्ष्य/साक्षी
-
- कर्मचारी को संदेह कुल उपदान (यदि जात हो)
-
- नाम निर्देषिती/विधिक वारिस के रूप में आवेदक को संदेय उपदान की प्रतिष्ठता
-
- आवेदक द्वारा दावा की गई उपदान की धनराषि स्थान: दिनांक: आवेदक का हस्ताक्षर/अंगूठा का निशान
प्ररूप-IX
52 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
[नियम-15 का (1), तथा नियम-18 देखें]
सक्षम प्राधिकारी/समन उपस्थिति के लिए सूचना
(लागू न होने वाले शब्दों को हटा दें)
सेवा,
(नियोक्ता/आवेदक का नाम पता )
जबकि श्री .................................................आपके अपने कर्मचारी/ उसके
नामांकित कर्मचारी/ कर्मचारी/ कानूनी उत्तराधिकारी उपर्युक्त नियोक्ता, ने उप- नियम के तहत एक आवेदन दायर
किया है ...............नियम के ...............सामाजिक सुरक्षा संहिता (ड्रारखण्ड) नियम, 2021 पर यह आरोप लगते
हुए की ...............(ऊक आवेदन की एक प्रति संलग्न है, यदि, समन जारी किया गया है, तो आवेदन की
प्रति की आवश्यकता नहीं है) अब, इसलिए, आपको इसके द्वारा बुलाया जाता है / सक्षम के समक्ष उपस्थित होने
के लिए बुलाया जाता है। प्राधिकरण में ......................( स्थान ) या तो व्यक्तिगत रूप से या किसी व्यक्ति के
माध्यम से इस संबंध में विधिवत आवेदन के संबंध में सभी भौतिक प्रश्नों के उत्तर देने के उद्देश्य से
.....................20...................के दिन .............आरोप का जवाब देने के लिए/ के समर्थन में/ के समर्थन में/
में/..................बजे पूर्वाह्न/अपराहन में; और जिस दिन आपके उपस्थिति के लिए आवेदन के अंतिम निपटान के
लिए नियत किया गया है, उस दिन आपको उन सभी गवाहों को प्रस्तुत करने के लिए तैयार रहना चाहिए
जिनके साक्ष्य, और जिन दस्तावेजों पर अप अपने आरोप/ चयाव के समर्थन में भरोसा करना चाहते हैं।
ध्यान दें कि पहले उल्लेख के दिन आपके उपस्थिति के डिफोल्टमें, आवेदन को अनुपस्थिति में खारिज /सुना
और निर्धारित किया जाएगा।
जबकि साध्य देने के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है आपको इस सूची में उल्लिखित दस्तावेजों का उपयादन करना आवश्यक है ...........................की ओर से ...........................द्वारा ग्रेच्युटी के लिए दावे से उत्पन्न मामले में। फार्म ........... और इस प्राधिकरण को सामाजिक सुरक्षा, 2020 पर संहिता की धारा 56 के तहत एक आवेदन द्वारा संदर्भित किया गया है, आपको इस प्राधिकरण के समक्ष व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया है...................ऊक दस्तावेजों के दिन...................20...................पर ...................वित बजे दोपहर/ दोपहर मीन और इस प्राधिकरण में भेजने के लिए आपके साथ लाने के लिए )।
दस्तावेजों के सूची -
123 इत्यादि
मेरे हाथ और मुहर के तहत, यह .............दिन .............का .............20.............
सक्षम प्राधिकारी
कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 दे तहत
- नोट: 1. उन शब्दों और पैराग्राफों पर प्रहार करें जो लागू नहीं हैं।
-
- समन डुप्लिकेट में जारी किया जाएगा। डुप्लिकेट पर हस्ताक्षर किया जाना हैं और नियत तारीख से पहले सेवारत व्यक्तियों द्वारा लौटाया जाना है।
-
- यदि समन केवल दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए जारी किया जाता है और साक्ष्य नहीं दिए जाते हैं तो यह सम्मन के लिए पर्याप्त अनुपालन होगा यदे दस्तावेज उद्देश्य के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के दिन और घंटे के लिए उत्पन्न किए जाते हैं।
प्ररूप-X
[(देखें नियम 22 का उपनियम (8)]
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
53
अपीलीय प्राधिकारी द्वारा यथानिर्धारित उपदान के संदाय के लिए नोटिस
सेवा में, (नाम और पता) आपको दिल्लीक......................... में आप से श्री/श्रीमती/कुमारी.........................को समाजिक सुरक्षा संस्थिता-2020 के अधीन उपदान के रूप में रु............................का संदाय करने की अपक्षा करते हुए नोटिस दी गयी। आप/ आवेदक अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील में गए, जिसने यह निर्णित किया है कि ₹0.................................की धनराशि समाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के अधीन शोध्य उपदान के रूप में श्री/श्रीमती/कुमारी.................................को संदत किये जाने के लिए शोध्य है। इसलिए अब में एटद द्वारा आपको इस नोटिस की प्राप्ति के 30 दिन के अन्दर श्री/श्रीमती/कुमारी.................................को रुपये .................................को उक धनराशि मुझे उसके सूचना के साथ संदत करने के लिए निर्देशित किया जाता है। आज दिनांक.........................वर्ष .........................को मेरे हाथ और मुद्रा के अधीन दिया गया । नियंत्रक प्राधिकारी प्रतिलिपि:-
-
- आवेदक को
-
- उसे संदाय के संग्रहण के लिए नियोक्ता से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
-
- अपीलीय प्राधिकारी को टिप्पणी- प्रयोज्यनीय न होने वाले भाग को हटा दिया जाना है। [देखें नियम 23] (पत्ता के साथ आवेदक का पूरा नाम) और स्थान:
प्रशुप-XII
(दुर्घटना की नोटिस पुस्तिका)
ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
55
स्थापना का नाम-................................................................................................................................................................................................................................................................ व्यवसाय की प्रकृति-................................................................................................................................................................................................................................................................ खोलने की तिथि-................................................................................................................................................................................................................................................................ निबंधन संख्या (यदि कोई हो)-................................................................................................................................................................................................................................................................ नियोजन/दखलकार का नाम-................................................................................................................................................................................................................................................................ | दुर्घटना की तिथि | दुर्घटना की संक्षिप्त विवरण | घायल व्यक्ति का नाम | जहाँ दुर्घटना से मृत्यु हुई हो | क्या दुर्घटना से पूर्ण अपंगता हुई है | क्या दुर्घटना से आंशिक अपंगता हुई है | क्या दुर्घटना से अस्थायी अपंगता हुई है | कर्मकारों या उनके आश्रित को भुगतान की गई प्रतिकर की राशि | सक्षम प्राधिकार को जमा की गई राशि | भुगतान की तिथि अथवा प्रतिकर जमा करने की तिथि | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 |
प्ररूप-XIII
56 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
(घातक दुर्घटनाओं की रिपोर्ट)
(देखे नियम-30) सेवा में, श्रीमान
-
- में निम्नलिखित दुर्घटना की रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहा हूँ जो दिनांक ……………………20………………… को ……………………………………………………………………………………(परिसर का विवरण दें)…………………………………………………………… घटित हुई और जो कर्मचारी/कर्मचारियों की मृत्यु का कारण बनी जिनकी विशिष्टां इसके साथ नत्थी विवरण में दी गई हैं।
- कर्मचारी/ कर्मचारियों की मृत्यु के सम्बन्ध में परिस्थितियाँ इस प्रकार थीं-
- (क) दुर्घटना का नाम ………………………………………
- (ख) दूर्धटना का स्थान...................
- (ग) तरीका जिसमें मूतक उस समय नियोजित था/थे। ..........................
- (घ) दूर्धटना का कारण ..........................
- (ड) कोई अन्य सुसंगत विवरण................................................................................................................................................................................................................................................................ रिपोर्ट देने वाले व्यक्ति का पद व हस्ताक्षर
विवरण
| नाम | लिंग | आयु | रोजगार की प्रकृति | पूरा डाक पता | | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | | | | | | |
प्ररूप-XIV
(नियम-31)
ड्डारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021 57
करार का ज्ञापन
गवाह.............................. नियोजक के हस्ताक्षर गवाह …………………………………… हस्ताक्षर…………………………………… दिनांक……………………20………… नोट:- करार को रजिस्ट्र का आवेदन किसी एक पक्ष के हस्ताक्षर से पेश किया जा सकता है बशर्ते अन्य पक्ष निवंधनों से सहमत हो। परंतु जहाँ संभव हों दोनों हस्ताक्षर हों।
रसीद
उपर्युक्त कारण के अनुसार मैंने आज .......................को ............................................. ₹० प्राप्त किए हैं। स्टम्प दिनांक ..................20.................. कर्मकार धन अदा कर दिया गया है और रसीद मेरी उपस्थिति में हस्ताक्षर हुई है। नोट:- यह प्राप्त विश्व वर्गों के ..............................के अनुकूल करने के लिए परिवर्तित किया जा सकता है, उदाहरण के तौर पर, उपजीविका अन्य रोगों से क्षति जब कर्मचारी वैथ नि: शक्ता को अंतगत हो, इत्यादि।
प्ररूप-XIV ए
(नियम-31)
करार का जापन
दिनांक...................को...................₹0 दिनांक...................को...................₹0 नोट:- करार को रजिस्टर करने के लिए एक पक्ष द्वारा आवेदन दिया जा सकता है बशर्ते अन्य पक्ष निबंधनों से सहमत हो। परंतु दोनों के हस्ताक्षर जब संभव हो संलग्न हों।
रसीद
(तब भरी जाए जब वास्तव में अदा कर किया जाए ) उपर्युक्त कारण के अनुसार मैंने दिनांक......................को ...................... ₹0 प्राप्त कर लिए हैं। दिनांक ..................20.................. कर्मकार गवाह
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021 59
करार का ज्ञापन
पुनः प्रस्तुत है कि उक्त अस्थायी निः शक्ता कल के लिए ....................रु. की दर से अर्द्ध मासिक संदाय को कर्मचारी का नियोजक ....................आदा करने को और कर्मचारी की ओर से ....................स्वीकार करने को सहमत हो गये हैं। यह कारण उस शर्त के अधीन है कि अर्द्ध-मासिक संदाय की राशि निः शक्ता के दौरान उक्त कर्मचारी के उपार्जन में परिवर्तन की वजह से उक्त अधिनियम के उपभंधों के अनुसार परिवर्तित की जा सकती है। यह पुनः अनुबंधित किया जाता है कि उक्त अधिनियम की धारा -7 के तहत लघुकरण के सभी अधिकार कार द्वारा अप्रभावित हैं। अतः निवेदन है कि जापन सम्म्यक रूप से अभिलिखित किया जाए। नियोजक के हस्तक्षर ............................................ गवाह कर्मचारी के हस्ताक्षर................................................................................................................................................................................................................................................................ दिनांक..................20.................. रसीद (तब भरी जाए जब वास्तव में अदा कर दिया जाए ) उपर्युक्त करार के अनुसार, मैंने आज ...........................................₹0 की राशि प्राप्त कर ली है। स्टाम्प दिनांक ..................20.................. ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• गवाह दिनांक .........................20..................... .........................
(देखे नियम-34)
| क्रमांक | समझौता की तिथि | निबंधक की तिथि | नियोजक | कर्मचारी | सक्षम प्राधिकारी का संक्षिप्त हस्ताक्षर | पंजी में सुधार के लिए आदेश का संदर्भ | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | | |
62 ड्डारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
-
- नियुक्ति की तारीख
-
- कार्य की प्रकृति
-
- महीने और वर्ष के साथ तारीख जब से वह नियोजित हैं, नौकरी गई है और नियोजित नहीं हैं। | महिला | नियोजित दिनों की संख्या | नौकरी से निकाले गए दिनों की संख्या | नियोजित नहीं किए गए दिनों की संख्या | टिप्पणी | | --- | --- | --- | --- | --- | | क | ख | ग | घ | ङ |
-
- बिष्णु के जन्म की तिथि।
-
- प्रसव/गर्भपात/गर्भावस्था की चिकित्सा समासि/ट्यूबेस्टोमी ऑपरेशन/बच्चे की मृत्यु/गोद लेने के प्रमाण प्रस्तुत करने की तिथि।
-
- संभावित प्रसव से पहले अग्रिम भुगतान किए गए मातृत्व लाभ की राशि सहित भुगतान की तिथि।
-
- तिथि सहित प्रसूति लाभ के अनुवर्ती भुगतान की राशि
-
- धारा 65 (1) और 65 (3) के अंतर्गत तिथि सहित अवकाश के समय भुगतान की गई मजदूरी की राष्ट्रीय।
-
- धारा 65 (2) के अंतर्गत तिथि सहित अवकाश के समय भुगतान की गई मजदूरी की राशि और अवकाश की अवधि।
-
- यदि महिला की मृत्यु होती है और षष्टु जिवित रहता है तो, उस व्यक्ति का नाम, जिसे बच्चे की ओर से मातृत्व लाभ की राष्ट्र का भुगतान किया गया था और वह अवधि जिसके लिए यह भुगतान किया गय था।
-
- महिला कर्मचारियों के रजिस्टर में प्रविष्टियों को प्रमाणित करते हुए प्रतिधान के नियोक्ता का हस्ताक्षर।
-
- निरीक्षक-सह-सुविधाप्रदाता के उपयोग के लिए टिप्पणी कॉलम| प्ररूप-XVIII (नियम-52 (3) का (क) देखें एकीकृत वार्षिक विवरणी
एकीकृत वार्षिक विवरणी
क. सामान्य भाग:-
- (क) प्रतिभान का नाम................................................................................................................................................................................................................................................................ शहर............................. जिला............................. राज्य............................. पिन............................. कोड.............................
- (ख) नियोक्ता का नाम................................................... नियोक्ता का गली संख्या........................./प्लॉट संख्या.........................
- (ग) प्रशिन के पर्यवेक्षण और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार प्रबंधक या व्यक्ति का नाम- गली संख्या........................./प्लॉट संख्या.........................
- ख. नीचे दी गई, तालिका के कॉलम (2) में उल्लिखित संहिता के अंतर्गत नियोक्ता का पंजीकरण/लाइसेंस संख्या: | क्र0सं | नाम | पंजीकरण | यदि हां (पंजीकरण) | | --- | --- | --- | --- | | 0 | | | |
64
संख्या)
| 1 | 2 | 3 | 4 | | --- | --- | --- | --- | | 01 | व्यवसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य और कार्य दशाएं संहिता 2020 | | | | 02 | सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 | | | | 03 | समय लागू होने के लिए कोई अन्य कानून | | | ठेकेदारों के पंजीकरण के मामले में नियुक्ति का
| 01. | ठेकेदारों के पंजीकरण के मामले में नियुक्ति का | | | | --- | --- | --- | --- | | 02. | पंजीकरण के आरंभ होने की तारीख | | | | 03. | वर्ष के दौरान पंजीकरण में कार्यरत ठेकेदारों की संख्या। | | | | 04. | वर्ष के दौरान दिनों की कुल संख्या जिनमें ठेका श्रमिक नियोजित थे। | | | | 05. | वर्ष के दौरान ठेका श्रम द्वारा कार्य किए गए, श्रमिकों की कुल संख्या। | | | | 06. | प्रबंधक या एजेंट का नाम (खदानों के मामले में) | | | | 07. | मकान सं./प्लेट सं. ........................................................................ गली सं./प्लॉट संख्या.................................................. शहर........................ जिला.......................... राज्य................ पिन कोड.................. ई-मेल आईडी........................ दूरभाष सं................ मोबाइल सं................ | | | | 01. | वर्ष के दौरान कार्य किए गए दिवसों की संख्या। | | | | --- | --- | --- | --- | | 02. | वर्ष के दौरान कार्य किए गए श्रमदिवसों की संख्या। | | | | 03. | कार्य के दैनिक घंटे। | | | | 04. | विश्राम का साप्ताहिक दिवस। | | |
ड. वर्ष के दौरान किसी दिन भी नियोजित व्यक्तियों की अधिकतम संख्या:-
| क्रमसं0 | पुरुष | महिला | किशोर (14 से 18 वर्ष की आयु के बीच) | बच्चे (14 वर्ष की आयु से कम) | कुल | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | कामगारों की संख्या
| श्रेणी | मजदूरी की दरें | नियमत | | | संविदा | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | पुरुष | महिला | बच्चे | किशोर | पुरुष | महिला | बच्चे | किशोर | | उच्च | | | | | | | | | | अतिकुशल | | | | | | | | | | कुशल | | | | | | | | | | अर्धकुशल | | | | | | | | | | अकुशल | | | | | | | | |
छ. (क) भुगतान का विवरण:-
| भुगतान किया | कटौतियां | | भुगतान किया गया | | --- | --- | --- | --- | | | सफल वेतन | | | गया सफल वेतन
| नकद | अन्य प्रकार से | जुर्माने | | नुकसान अथवा क्षति के लिए कटौतियां | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | नकद | अन्य प्रकार से | नकद | अन्य प्रकार से | (ख) वर्ष के दौरान सवेतन अवकाश अनुमोदित किए गए कामगारों की संख्या:- | क्रमसं0 | वर्ष के दौरान | कामगारों की संख्या | सवेतन अवकाश अनुमोदित | | --- | --- | --- | --- | | | | | | | क्रमसं0 | उपलब्ध कराई गयी विभिन्न कल्याण सुविधाओं की प्रकृति | सं:विधिक (संविधि विनिर्दिष्ट करें) | | --- | --- | --- | | | | | | 01 | प्रतिष्ठान के खुलने की तारीख | | | --- | --- | --- | | 02 | बंद होने की तारीख, यदि बंद हो तो | | | 03 | चिकित्सा अधिकारी का नाम | | | 03(i) | चिकित्सा अधिकारी की योग्यता | | | 03(ii) | क्या चिकित्सा अधिकारी (खान अथवा सर्कस) में है ? | | | 03(iii) | क्या वह अंपकालिक है, तो कितनी बार प्रतिष्ठान का दौरा करता/करती है ? | | | 03(iv) | क्या वहां कोई अस्पताल है ? | | | 03(v) | यदि हां, तो कितने बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है ? | | | 03(vi) | क्या वहां कोई महिला चिकित्सक है ? | |
67
| 03(vii) | यदि हां, तो उसकी योग्यता क्या है ? | | | | --- | --- | --- | --- | | 03(viii) | क्या वहां कोई योग्य दाई है ? | | | | 03(ix) | क्या शिशुगृह की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ? | | | | 01 | प्रतिष्ठान में महिला कर्मचारियों की कुल संख्या | | | --- | --- | --- | | 02 | अनुमोदित अवकाश के दिनों की कुल संख्या | | | 03 | कर्मचारियों की संख्या जिन्हें प्रसूति अवकाश दिया गया/ईएसआई द्वारा लाभान्वित हुए | |
धारा-53 के उप धारा (1) के अधीन अपराधों के प्रसमन के लिए हेतु नोटिस
सेवा में, (हस्ताक्षर) पदाधिकारी का नाम और पदनाम
प्ररूप-XX
[[देखें नियम 53 (2)] धारा-53 के उप धारा (2) के तहत आवेदन]
69
चूंकि अपने नोटिस संख्या.................................दिनांक...........................................का निर्देश किया जाए मैं/हमसभी एतद द्वारा अपराध के प्रसमन हेतु आवेदन समर्पित कर रहे हैं, तथा मेरे द्वारा प्रसमन की राष्ट्र के स्प मैं स्प्ये...........................................मेरे द्वारा ट्रेजरी चालान या श्रमायुक्त के पोटल पर दिनांक............................................जमा किया गया है। अत: कृपया मेरा आवेदन स्वीकार किया जाए तथा संहिता के तहत कार्वाई समाप्त की जाए। दिनांक............................................ (हस्ताक्षर) आवेदक का नाम
प्ररूप-XXI
कैरियर केंद्रों को रिक्तियाँ रिपोर्ट करने हेतु प्रप्त
(प्रत्येक प्रकार के पद के लिए अलग-अलग प्ररूप प्रयोग किया जाना है)
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
| 1 | नियोक्ता का विवरण: नाम:पिन कोड सहित पता:दूरभाष संख्या:मोबाइल संख्या:ई-मेल पता:प्रतिष्ठान का नाम एवं प्रकार (केंद्र सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू, स्वायत्त, निजी, इत्यादि)संहिता के अंतर्गत प्रतिष्ठान की पंजीकरण संख्या:आर्थिक क्रियाकलापों का विवरण: | | | --- | --- | --- | | 2 | इंटर्निंग अधिकारी का विवरण: नाम:पदनाम:दूरभाष संख्या: | |
71
मोबाइल संख्या:
| ई-मेल पता: | | | | --- | --- | --- | | 3 | रिक्ति (रिक्तियों) का विवरण: | | | (क) | भरी जाने वाली रिक्ति (रिक्तियों) का पदनाम/नामावली | | | (ख) | रिक्ति (रिक्तियों) की प्रकृति (स्थायी या अनुबंधित) | | | (ग) | पद के दायित्वों का वर्णन (जॉब भूमिका/कार्यणाली भूमिका) | | | (घ) | अपेक्षित योग्यताएँ/कौशल (शैक्षणिक, तकनीकी, अनुभव) | अनिवार्य | वांछनीय/प्राथमिकता योग्य | | (1) | शैक्षणिक योग्यता | | | | (2) | तकनीकी योग्यता | | | | (3) | कौशल | | | | (4) | अनुभव | | | | (घ) | आयु सीमा, यदि कोई हो | | | | (आवेदन करने की अंतिम तारीख को आयु) | | | |
72 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
(इ) प्राथमिकताएँ (जैसे कि भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग व्यक्ति, महिलाएँ इत्यादि) यदि कोई हों।
(च) नियोजन की अवधि
| पदों की संख्या | | | | --- | --- | --- | | (1) 3-6 माह | | | | (2) 6-12 माह | | | | (3) 12 माह या उससे अधिक | | | | 4 क्या रिक्तियों को भरने में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), भूतपूर्व सैनिक तथा दिव्यांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी), इत्यादि जैसे व्यक्तियों की किसी श्रेणी को आरक्षण/प्राथमिकता देने की व्यवस्था करने का कोई दायित्व है: हाँ/नहीं (यदि हां, तो नीचे दिए गए विवरण के अनुसार व्यक्तियों की ऐसी श्रेणियों द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या बताई जाए) | | | | श्रेणी | भरी जाने वाली रिक्तियों की संख्या | | | (क) अनुसूचित जाति | कुल * प्राथमिकता अभ्यर्थियों द्वारा (केंद्र सरकार की रिक्तियों के लिए लागू) | | | (ख) अनुसूचित जनजाति | | | | (ग) अन्य पिछड़ा वर्ग | | | | (घ) पिछड़ा वर्ग 1 | | |
73
वेतन एवं भत्ते:
| (ङ.) पिछड़ा वर्ग 2 | | | | --- | --- | --- | | (च) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग | | | | (छ) भूतपूर्व सैनिक | | | | (ज) दिव्यांग व्यक्ति (पीडब्ल्यूडी) | | | | (झ) महिलाएँ | | | | (*) अन्य (विनिर्दिष्ट करें) | | | | 6 | वेतन एवं भत्ते: | | | | सरकारी/सरकारी उपक्रम/स्थानीय निकाय की रिक्तियों के लिए: अन्य विवरण के साथ मूल वेतन/प्रतिमाह वेतन सहित पद के वेतन स्तर/वेतन स्केल, यदि कोई हो, का उल्लेख करें। निजी क्षेत्र की रिक्तियों के लिए: अन्य विवरण के साथ प्रतिमाह न्यूनतम कुल वेतन,यदि कोई हो, का उल्लेख करें। | | | 7 | कार्य स्थल (कस्बे/गाँव तथा जिला का नाम, पिन कोड इत्यादि के साथ, जिसमें यह स्थित है) | | | 8 | आवेदन का तरीका (ई-मेल, ऑनलाइन, लिखित में, इत्यादि) और आवेदन की प्राप्ति की अंतिम तारीख | | | 9 | उस अधिकारी का विवरण जिसको आवेदन भेजे जाएं/अभ्यर्थी सम्पर्क करें: नाम, पदनाम, ई-मेल आईडी पता, दूरभाष संख्या, ऑनलाइन के | | मामले में वेबसाइट के पते का उल्लेख करें)
| 10 | अन्य कोई प्रासंगिक सूचना | | | | --- | --- | --- | --- | | 11 | कैरीयर केन्द्र का नाम,, पता, ई मेल आईडी | | | | --- | --- | --- | --- | | 12 | रिक्तियाँ प्राप्त होने की तारीख | | | | 13 | प्रतिभान का एनसीओ कोड | | | | 14 | पद का एनसीओ कोड | | | | 15 | विशिष्ट रिक्ति सूचना संख्या | | | कैरियर केंद्र के प्राधिकृत हस्ताक्षरकार्ता के मुहर एवं तारीख के साथ हस्ताक्षर/नाम/पदनाम टिप्पणी:
-
- कैरियर केंद्र जिसको रिक्तियाँ रिपोर्ट की जाती हैं, यह रिपोर्ट की गई रिक्ति को एक विशिष्ट रिक्ति रिपोर्टिंग संख्या प्रदान करेगा तथा इसे लिखित में ई-मेल अथवा डिजिटल ढंग से अथवा अन्य किसी मीडिया के माध्यम से तत्काल नियोक्ता को सूचित करेगा परन्तु किसी भी मामले में यह रिक्तियाँ की रिपोर्टिंग की प्रति की तारीख से तीन कार्य दिवस के पंचात नहीं करेगा। पद का नाम :- रिक्ति सम्प्रेषण की तिथि :-
सम्मिलित तथा चयनित होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या
केरियर सेंटर द्वारा प्रेषित अभ्यर्थियों के नाम
| साक्षात्कार/परीक्षा हेतु आमंत्रित अभ्यर्थियों की संख्या | साक्षात्कार/परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों की संख्या | | अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की संख्या | अभियुक्ति | | --- | --- | --- | --- | --- | | | केरियर सेंटर के अभ्यर्थी | अन्य स्रोत के अभ्यर्थी | | | | | केरियर सेंटर के अभ्यर्थी | अन्य स्रोत के अभ्यर्थी | | | | | | | | | | क्रमांक | अभ्यर्थी का नाम | कैरीयर सेन्टर का पंजीकरण संख्या | मोबाइल नं0 | योगदान की तिथि | अभियुक्ति | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | | नियोक्ता का हस्ताक्षर (मुहर के साथ): - स्थान तारीख :- नियोक्ता का नाम एवं पता
| मुख्यालय (यदि हो तो) | | --- | | शाखा कार्यालय | | प्रतिष्ठान का प्रकार (सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र/स्थानीय निकाय/निजी क्षेत्र) | | व्यवसाय का प्रकार/मुख्य क्रियाकलाप | | संहिता के अंतर्गत प्रतिष्ठान की पंजीकरण संख्या | | 1. (क) रोजगार | | अंशकालिक कामगारों तथा प्रशिक्षुओं को छोड़कर कार्यरत प्रोपराइटर्स/पार्टनर्स/आकस्मिक भुगतान एवं संविदा कामगारों, आउटसोर्स्ड कामगारों वेडर या थर्ड पार्टी पेरोल सहित प्रतिष्ठान की जनशक्ति की कुल संख्या (इन आंकड़ों में वह प्रत्येक व्यक्ति शामिल होना चाहिए जिसे मजदूरी अथवा वेतन का भुगतान किया जाता है) | | | | श्रेणी | पूर्ववर्ती अर्द्ध वर्ष के अंतिम कार्य दिवस को | रिपोर्टिंग अर्द्ध वर्ष के अंतिम कार्य दिवस को | | पुरुष | | | | महिला | | | | अन्य (ट्रांसजेंडर) | | | | कुल: | | | | कुल: उपर्युक्त कुल में से दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) | | | अर्द्ध वर्ष के दौरान हुई रिक्तियाँ तथा कैरियर केन्द्र (क्षेत्रीय/स्थानीय) की रिपोर्ट की गई रिक्तियों की संख्या तथा अर्द्ध वर्ष के दौरान भरी गई रिक्तियों की संख्या
| रिपोर्ट की गई | | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | | हुई रिक्त | कैरियर केन्द्र (क्षेत्रीय/स्थानीय) | कैरियर केन्द्र (केन्द्रीय) | भरी गयी | स्रोत (कैरियर केन्द्र/एनसीएस पोर्टल सरकारी भर्ती एजन्सिया/निजी प्लेसमेंट संगठन/अन्य) | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | *सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 (अध्याय XIII) के उपबंधों तथा इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार|
3. जनशक्ति की कमी:
| व्यवसाय का नाम अथवा पद का पदनाम | कौशल/योग्यता (शैक्षणिक/तकनीकी/निर्धारित अनुभव) | रिक्त रिक्तियाँ/पदों की संख्या | अनिवार्य | वांछनीय | | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | | | | | | (कृपया उन अन्य व्यवसायों को भी सूचीबद्ध करें जिनके लिए हाल ही में प्रतिष्ठान को समुचित आवेदक प्रासंगिकता करने में मुश्किल हुई थी।) कृपया जहाँ तक संभव हो सेवानिवृत्ति/विस्तार अथवा पुनर्गठन के कारण अगले अर्द्ध वर्ष के दौरान आपके द्वारा भरी जाने वाली प्रत्येक व्यवसाय में रिक्तियों की अनुमानित संख्या दें।
| व्यवसाय | कर्मचारियों की संख्या | | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | विवरण | पुरुष | महिला | अन्य (ट्रांसजेंडर) | कुल | कुल में से दिव्यांग | (पीडब्ल्यूडी)
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | | | | | | |
- कॉलम में (विवरण)-अभियंता (मैकेनिकल), सहायक विदेपक (मैटलार्जिस्ट), अनुसंधान अधिकारी (अर्थशास्त्री), पर्यवेक्षक (टेलरिंग), इंस्पेक्टर (सैनेटरी), अधीक्षक (कार्यालय), प्रबंधक (सेल्स), प्रबंधक (अकाउंटस), कार्यालयक (मार्केटिंग), डाटा एंट्री ऑपरेटर.......................जैसे वास्तविक शब्दों का प्रयोग करें! प्रतिक्षण के प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ता/नियोक्ता के मुहर एवं तारीख सहित हस्ताक्षर, नाम एवं पदनाम सेवा में, कैरियर केंद्र प्रभारी संचिका संख्या-02/श्रमाओकाओ-विविध (SS Code-20)-57/2020 श्रानिओ-802, राँची, दिनांक-03.08.2021 एस॰ओ॰- 3 -दिनांक - 3 अगस्त, 2021 का अंग्रेजी भाषा में निम्नलिखित अनुवाद झारखंड राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय Ranchi, Dated ..................
- 1- The Jharkhand Workmen’s Compensation Rules, 1924
- 5- The Jharkhand Unorganized Workers Social Security Rules, 2013 made by Governor in exercise of the powers conferred by The Employees Compensation Act, 1923, The Maternity Benefit Act, 1961, The Payment of Gratuity Act, 1972, The Building and Other Construction Workers (Regulation of Employment and Conditions of Service) Act, 1996, and The Unorganized Workers Social Security Act, 2008, are hereby published as required under sub-section (1) of Section 154 and All objections and suggestions with respect to said rules should be sent in duplicate addressed to Labour Commissioner, Jharkhand, Shram Bhawan, Doranda, Ranchi–834002. or on E-mail-jlcran721@gmail.com Only those objections and suggestions which are received within thirty days from the date of publication of the notification shall be taken into consideration.
DRAFT
The Code on Social Security (Jharkhand) Rules, 2021
Chapter- I
PRELIMINARY
-
- Short title, and commencement-
- (1) These rules may be called The Code on Social Security (Jharkhand) Rules, 2021
- (1) In these rules, unless the context otherwise requires-
- b. “Section” means the section of the Code;
- (2) The words and expressions used in these rules which are not defined therein, but are defined in the Code, shall have their respective meaning as assigned to them in the Code.
CHAPTER II
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
81
JHARKHAND UNORGANIZED WORKER’S SOCIAL SECURITY BOARD
- a) The Board constituted under section 6 shall be called as the Jharkhand Unorganized Worker’s Social Security Board’
82 ड्डारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- i) A member nominated under sub-clauses (ii), (ii) and (iv) of clause (d) of sub-section (10) of the section 6, shall cease to be a member of the Board if he ceases to represent the category of interest from which he was so nominated:
83
- (a)A member of the Board, not being an ex-officio member, may resign by a letter in writing addressed to the State Government.
- (4) Change of Address.- If a member changes his address, he shall notify his new address to the Member- Secretary of the Board who shall thereupon enter his new address in the official records: Provided that if a member fails to notify his new address, the address in the official records shall for all purposes be deemed to be the member’s correct address.
- (6) Procedure for removal of a Member from the Jharkhand Unorganized Worker’s Social Security Board.-
84 डॉरखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- i. The travelling allowance of an official member of the Board shall be governed by the rules applicable to him for journey performed by him on official duties and shall be paid by the authority paying his salary.
- ii. The non-official members of the Board shall be entitled to the payment of travelling and daily allowance for attending the meeting of the Board as admissible to the group ‘A’ officer of the Government of Jharkhand.
(9) Meeting.
- ii. The Board shall meet once in three months.
- v. The Chairperson shall preside over every meeting of the Board in which he is present and in his absence the meeting of the Board shall be chaired by the Vice-Chairperson.
(10) Notice of meeting and list of business.-
- i. Ordinarily, fifteen days notice shall be given to the members of the Board of a proposed meeting:
(11) Quorum.-
- ii. The Chairperson may debar any member, other than ex-officio members, from taking part in the Meeting of the Board if-
- a. he absents himself from three consecutive meetings of the
86 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- iii. Amount received for registration/renewal of beneficiaries and their contribution.
- iv. Amount received for implementation of the scheme notified by the Government of India.
- iv. The fund of the Social Security Board shall be expended for the implementation of the welfare schemes for Unorganized Workers, of the State and Central Government and for meeting out Administrative Expenses of the Board but limit of the Administrative expenses shall not be more than ten percent of expenditure on scheme.
- v. The Accounts of the fund shall be audited in accordance with the instruction issued by the State Government every year.
JHARKHAND BUILDING AND OTHER CONSTRUCTION WORKERS’ WELFARE BOARD
88 डारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- (2) Term:-
- i. The terms of Board shall be three years from the date of its constitution, but it shall continue till the reconstitution and its decision shall not be deemed invalid on the ground that term of the Board has been expired.
- ii. The term of the members of the Board shall be co-existing with the term of the Board.
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- i. Board with the prior approval of State Government shall appoint a person not below the rank of Joint Labour Commissioner as Secretary of the Board.
- ii. Board with the prior approval of State Government shall appoint other staff for disposal of functions of the Board.
- (6) The appellate authority shall record its decision after giving the parties to the appeal a reasonable opportunity of being heard. A copy of the decision shall be given to the parties to the appeal by electronically or registered post or in person and a copy thereof shall be sent to the competent authority returning his records of the case.
- (i) Every proceeding under Section 49 of the code shall be instituted by presentation of an application in FORM-I before the Industrial Tribunal Constituted by the government of Jharkhand under section 44 of the Industrial Relation Code, 2020; by the Corporation, Aggrieved person or the employer of an establishment as the case may be.
- (i). Every such application shall contain the facts constituting the cause of action and the date when it arose, grievance in brief and shall be verified in the same manner as a pleading in a Civil Court and shall be accompanied by three copies thereof.
- (ii). An application under Section 51 shall contain the following particulars:-
- (a) the name of the Court in which the application is brought;
- (b) the full name, description including age, occupation and
- (2) All the documents on which the application is based or has desired by applicant shall be appended to application with an accurate list thereof;
- a) The opposite party may, and, if so required by the Court, shall, at or before the first hearing or/within such time as the Court may permit, present a written statement of his defence alongwith the documents on which he relies and an accurate list thereof. coercion, release, payment, performance or facts showing illegality of the transaction.
7. Proceeding of Employees Insurance Court.
- (1) Every application to the Court shall be brought within twelve months on which the cause of action arose or as the case may be, the claim become due;
- (3) The Court shall follow the rules of Code of Civil Procedure 1908 (Act- number 5 of 1908) in respect of summoning of the parties, service of summon, procedure of hearing, framing of issues, statement and production of evidence, method of recording evidence, cross examination of witness and other related matters.
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93
- (5) Communication of fact of execution or otherwise. - The Civil Court to which an order is sent for execution shall certify to the Court which passed it, the fact of such execution or where that Court fails to execute the same and the circumstances attending such failure.
8. Fees and Cost:
- (1) The fee payable on an application in respect of any matter referred to in Section 49 of the Code shall be Rs. 100/- (Rupees One hundred only)
- (2) The fee and costs payable in respect of any other matters shall be such as prescribed by High Court for subordinate courts.
- (3)All fees and costs referred to in this rule shall be collected by means of Court fee stamps.
-
- Bank or other financial institution in which the gratuity shall be invested for the benefit of minor under the third proviso to sub-section (1) of section 53.- In the case of nominee, or an heir, who is minor, the competent authority shall invest the gratuity amount deposited with him for the benefit of such minor in term deposit with the State Bank of India or Nationalized Bank. Explanation.- "Nationalized Bank" means a corresponding new bank specified in the First Schedule to the Banking Companies (Acquisition and Transfer of Undertakings) Act, 1970 (5 of 1970) or a corresponding new bank specified in the First Schedule of
94 ड्डारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
the Banking Companies (Acquisition and Transfer of Undertakings) Act, 1980 (40 of 1980).]
10. Time, form and manner of nomination by an employee under sub-section (1), the time to make fresh nomination under sub-section (4), the form and manner of modification of a nomination under sub-section (5) and the form for fresh nomination under sub-section (6) of section 55.-
- (2) Within thirty days of the receipt of nomination in Form-III under sub-rule (1), the employer shall get the service particulars of the employee, as mentioned in the form of nomination, verified with reference to the records of the establishment and return to the employee, after obtaining a receipt thereof, the duplicate copy of the nomination in Form-III duly attested either by the employer or an officer authorized in this behalf by him, as a token of recording of the
- (3) An employee who has no family at the time of making a nomination shall, within ninety days of acquiring a family submit in the manner specified in sub-rule (1), a fresh nomination, as required under sub-section (4) of section 55, in duplicate in Form-IV to the employer and thereafter the provisions of sub-rule (2) shall apply mutatis mutandis as if it was made under sub-rule (1).
- (4) A notice of modification of a nomination, including cases where a nominee predeceases an employee, shall be submitted in duplicate in Form-V to the employer in the manner specified in sub-rule (1), and thereafter the provisions of sub-rule (2) shall apply mutatis mutandis, as if it was made under sub rule (1)
- (5) A nomination or a fresh nomination or a notice of modification of nomination shall be, signed by the employee or, if illiterate, shall bear his thumb impression in the presence of two witnesses, who shall sign a declaration to that effect in the nomination, fresh nomination or notice of modification of nomination as the case may be and shall be submitted by the employee electronically or by registered post acknowledgement due.
96 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
his behalf, shall apply, ordinarily within thirty days from the date the gratuity became payable, in Form-VI to the employer: Provided that where the date of superannuation or retirement of an employee is known, the employee may apply to the employer before thirty days of the date of superannuation or retirement:
- (2) A nominee or a legal heir of an employee who is eligible for payment of gratuity under the third proviso to sub-section (1) of section 53 shall apply, ordinarily within thirty days from the date of gratuity became payable to him, in Form-VI-A OR FORM-VI-B as the case may be, to the employer:
- (3) Where gratuity becomes payable under the Code before the commencement of these rules, the periods of limitation specified in clauses (a) and (b) sub-rule (1) of rule 10 shall be deemed to be operative from the date of such commencement.
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12. Notice for payment of gratuity:
In either case a copy of the notice shall be endorsed to the competent authority.
98 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
-
- Application to competent authority for direction under clause (b) of sub-section (5) of section 56:
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- (2) Application under sub-rule (1) and other documents relevant to such an application shall be presented in person to the competent authority or shall be sent by registered post acknowledgement due or electronically.
- (2) Any person desiring to act on behalf of an employer or employee, nominee or legal heir, as the case may be, shall present to the competent authority a letter of authority from the employer or the person concerned, as the case may be, on whose behalf he seeks to act together with a written statement explaining his interest in the matter and praying for permission so to act. The competent authority shall record thereon an order either according his approval or specifying, in the case of refusal to grant the permission prayed for, the reasons for the refusal.
- (3)A party appearing by an authorised representative shall be bound by the acts of the representative.
- (4) After completion of hearing on the date fixed under sub rule (1), or, after such further evidence, examination of documents, witnesses, hearing and inquiry, as may be deemed necessary, the competent authority shall record his finding as to whether any amount is payable to the applicant under the Code. A copy of the finding shall be given to each of the parties.
100 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- (5)If the employer concerned fails to appear on the specified date of hearing after due service of notice without sufficient cause, the competent authority may proceed to hear and determine the application ex parte. If the applicant fails to appear on the specified date of hearing without sufficient cause, the competent authority may dismiss the application: Provided that an order under rule 15 may, on good cause being shown within thirty days of the said order, be reviewed and the application re-heard after giving not less than fourteen days' notice to the opposite party of the date fixed for rehearing of the application.
-
- Place and time of hearing.- The sittings of the competent authority shall be held at such times and at such places as he may fix and he shall inform the parties of the same in such manner as he thinks fit.
-
- Summoning and attendance of witnesses.- The competent authority may, at any stage of the proceedings before him, either upon or without an application by any of the parties involved in the proceedings before him, and on such terms as may appear to the competent authority just, issue summons to any person in Form-XI either to give evidence or to produce documents or for both purposes on a specified date, time and place.
19. Service of summons or notice.-
- (2) Where there are numerous persons as parties to any proceeding before the competent authority and such persons are members of any trade union or association or are represented by an authorised person, the service of notice on the Secretary, or where there is no Secretary, on the principal officer of the trade union or association, or on the authorised person shall be deemed to be service on such persons.
20. Maintenance of records of cases by the competent authority.-
- (1) The competent authority shall record the particulars of each case under section 56 and at the time of passing orders shall sign and date the particulars so recorded.
- (3) Any record, other than a record of any order or direction, which is required by these rules to be signed by the competent authority, may be signed on behalf of and under the direction of the competent authority by any subordinate officer appointed in writing for this purpose by the competent authority.
- Direction for payment of gratuity: If a finding is recorded under sub-rule (4) rule 15 that the applicant is entitled to payment of gratuity under the Code, the competent authority shall issue a notice to the employer concerned in Form-X electronically or by registered post acknowledgment due or in person specifying the amount payable and directing payment thereof to the applicant under intimation to the competent authority within thirty days from the date of the receipt of the notice by the employer. A copy of the notice shall be endorsed to the applicant employee, nominee or legal heir, as the case may be.
102 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
22.Appeal.-
- (4)On receipt of the copy of Memorandum of appeal, the competent authority shall forward records of the case to the appellate authority.
- Application for recovery of gratuity.- Where an employer fails to pay the gratuity due under the Code in accordance with the notice by the competent authority under rule 21, the employee concerned, his nominee or legal heir, as the case may be, to whom the gratuity is payable may apply to the competent authority in duplicate in Form XI for recovery thereof under section 129 of the Code.
CHAPTER V
- Authority to whom an appeal may be preferred under sub-section (3) of section 72.- (1) Complaint under section 72.- A person aggrieved by the order of Inspector cum Facilitator under subsection (2) of Section 72 may appeal to Deputy Labour Commissioner of the State Government.
CHAPTER VI
104 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
- (b) by the workman, on the ground that since the right to compensation was determined his wages have diminished;
- (c) by the workman, on the ground that the employer, having commenced to pay compensation, has ceased to pay the same, notwithstanding the fact that there has been no change in the workman's condition such as to warrant such cessation;
- (d) either by the employer, or by the workman, on the ground that the determination of the rate of compensation for the time being in force was obtained by fraud or undue influence or other improper means;
- (e) either by the employer or by the workman, on the ground that in the determination of compensation there is a mistake or error apparent on the face of the record.
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- (1) On receiving a memorandum of agreement, the Competent authority shall, for taking decision to record memorandum or refusing to record, shall issue notice to parties to agreement in Form XV fixing date and place of hearing that in default of objections he proposes to record the memorandum on the date so fixed: The notice under this sub-rule may be sent personally or through registered post/speed post or electronically. Provided that the notice may be communicated orally to any parties who are present at the time when notice in writing would otherwise issue.
- (2) On the date so fixed, the Competent authority, after hearing the parties to agreement shall take decision to record or refuse to record the memorandum.
106 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
Provided that the issue of a notice under rule (1) shall not be deemed to prevent the Competent authority from refusing to record the memorandum on the date so fixed even if no objection be made by any party concerned. 37. Application presented to wrong Competent authority. – Provided that dismissal of the application under sub-rule (1) shall not of itself preclude the applicant from presenting a fresh application for the settlement of the same matter.
- (2) If the application is not summarily dismissed by the competent authority, he shall issue notice to opposite party or parties against whom relief is sought together with copy of application and other documents appended.
39. Submissions of Parties-
- (1) The opposite party, if desires to contest the claim, may file a written statement accompanied with documents, and if no written statement has been filed, the competent authority shall proceed to examine him upon the claim, and shall reduce the result of examination to writing.
- (2) If the opposite party files the written statement, the applicant may file rejoiner with documents
40. Framing of issues. —
- (1) After considering any written statement and the result of any examination of the parties, the Competent authority may frame issues for decision of the case, if he thinks necessary.
42. Evidence:-
44. Incidental Costs.-
- (1) Any party to the dispute who desires to get certified copies of decision,
decree, or other document may get decision, decree, or other document on
payment of cost at the following rate :-
ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
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- (a) The cost for the copies of any document of record or statement or order or decree shall be Rs. 5/- per page alongwith Rs. 10/- for the application for the copies.
- (b) The cost of service or summons or notices or expenses of witnesses or the cost payable in respect of any matter not referred before shall be such amount as may be specified in each case by the Court and such amount or any other sum of money payable under this rule shall be paid in such manner and within such time as it may specify therefor.
45. Procedure in connected cases.
- (1) Where two or more cases pending before a Competent authority arise out of the same accident and any issue involved in common to two or more such cases, such cases may so far as the evidence bearing on such issue is concerned, be heard simultaneously.
- (2) Where action is taken under sub-rule (1) the evidence bearing on the common issue or issues shall be recorded on the record of one case, and the Competent authority shall certify under his hand on the record of any such other case the extent to which the evidence so recorded applies to such other case, and the fact that the parties to such other case had the opportunity of being present, and, if they were present, of cross examining the witnesses.
-
- Certain provisions of Code of Civil Procedure, 1908 to apply. -- Save as otherwise
expressly provided in the Act or these rules the following provisions of the first
Schedule to the Code of Civil Procedure, 1908, namely, those contained in Order V, Rule 9 to 13 and 15 to 30; Order IX; Order XII, Rules 3 to 10; Order XVI, Rules 2 to 21; Order XVII, and Order XXIII, Rules 1 and 2, shall apply to proceedings before Competent authorities, in so far as they may be applicable thereto:
- (1) for the purpose of facilitating the application of the said provisions the Competent authority may construct them with such alternations not affecting the substance as may be necessary or proper to adapt them to the matter before him;
- (2) the competent authority may, for sufficient reasons, proceed otherwise than in accordance with the said provision, if he is satisfied that the interests of the parties will not thereby be prejudiced.
-
- Time limit to pay the amount of cess under section 101- (1) The cess levied under the sub-section (1) of section 100 shall be paid by an employer, with in thirty days of the completion of the construction project or within thirty days of the date on which assessment of cess payable is finished, whichever is earlier, to the cess collector.
- (2) Notwithstanding the provisions of sub-rule (1), where the duration of the project or construction work exceeds one year, cess shall be paid within thirty days of completion of one year from the date of commencement of work and every year thereafter at the notified rates on the cost of construction incurred during the relevant period.
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under sub-section (4) of section 120; State Government may notify the conditions after consultation with Finance Department. 50. Conditions and manner of writing off irrecoverable dues under section 121- Where
Jharkhand Unorganized Workers Social Security Board is of the opinion that the amount of contribution, cess, interest and damages due to board has become irrecoverable, the Board or any other officer authorized by it in this behalf may sanction the writing off of the said amount, subject to the following conditions, namely:-
- (i) Establishment has been closed for more than five years and the whereabouts of the employer cannot be ascertained, despite all possible efforts;
- (ii) Decree obtained by the Board could not be executed successfully for want of sufficient assets of the defaulting employer; or
- (iii) Claim for contribution is not fully met by-
- (a) The Official Liquidator in the event of factories/establishments having gone into liquidation; or
- Form and manner for maintenance of record and registers and other particulars and details under clause (a), manner and form for display of notices at the work places of the employees under clause (b) and the manner and period of filing returns to the officers or authority under clause (d) of section 123.
- (1) Register of Women Employees.- (a) The employer of every establishment in which women are employed shall prepare and maintain a register of women employees in Form XVII electronically or in hard copy and shall enter therein particulars of all women workers in the establishment. Further, it shall always be available for inspection under notified inspection scheme for the Inspector –cum-Facilitator.
- (c) The employer may enter in the register of women employees such other particulars as may be required for any other purpose of the Code.
- (2) Records.-Records kept under the provisions of Chapter V of the Code and the rules framed there under shall be preserved for a period of two years from the date of their preparation.
OFFENCES AND PENALTIES
-
- Form of application for composition of Offences and manner of composition of offence under Section 138.-
- (1) If the officer notified by the State Government for the purposes of compounding of offences under sub-section (1) of section 138 (hereinafter
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
referred to as the compounding officer), is of the opinion that the offence under the code is compoundable shall send a notice manually or electronically to employer in Form XIX
JHARKHAND EMPLOYMENT INFORMATION AND MONITORING
54. Manner of establishment and maintenance of career centre and the
career services under clause (9) of section 2.-
- ii. Persons who seek employment.
- iii. Occurrence of vacancies ; and
- iv. Persons who seek vocational guidance and career counseling or guidance to start self employment or startup etc.
- b. Providing career counseling and vocational guidance ;
- d. Employment related surveys and studies annually.
- e. Conducting organizational meets of industries, business houses or other organization coming under the purview of the Code, quarterly at district level and annually at state level.
ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- (2) The employer in every establishment in private sector or every establishment pertaining to the class or category of establishment in private sector, before filling up any vacancy in any employment in that establishment shall report that vacancy or cause to be reported to such Career Centre (Regional/Local) from such date as may be specified in the notification by the State Government.
- (3) State Government shall provide for mechanism (including digital) for the receipt of vacancy reported by the employer. Career Centre, to which the vacancies are reported, would provide Unique Vacancy Reporting Number (UVRN) for the vacancy reported and convey it to the employer in writing or through email or digitally or through any other such media immediately but in any case not later than three working days from the date of receipt of reporting of vacancies.
56. Career Centers to which the vacancies shall be reported:
The Following vacancies shall be reported namely - shall be reported to the Career Centre (Regional/ Local) as well as such Career Centre (Central) as may be specified by the Central Government by the notification in the official gazette in this behalf.
- (2). Vacancies other than those specified in the sub Rule (i) (a) above shall be reported to the Career Centre (Regional/Local), the jurisdiction of which will be notified by the State Government in the gazette notification.
- (3). All vacancies mentioned in Sub Rule (1) & (2) above may be reported to the specified Career Centre or uploaded at digital portal as per the guidelines issued by the State Government.
57. Form and Manner of Reporting of Vacancies:
- (1) The Vacancies shall be reported in writing or through valid official email or digitally to the Local Career Centre as specified by the State Government.
- (2) The vacancies shall be reported in FORM-XXI, furnishing as many details as specified separately in respect of each type of vacancy.
- (3) Any change in the particulars already furnished to the Career Centre under Sub Rule (i) Shall be reported in writing or through official email or digitally as the case may be, to the specified Career Centre and the time limit as mentioned in the Rule 58(1) will be counted from the date of re-notification of the vacancy.
- (1) Vacancies required to be reported to the Career Centre (Regional/Local), shall be reported at least 15 Days before the last date of receipt of application of the prospective candidates for the purpose of appointment or taking interview or test against the vacancies reported.
ड्डारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021 117
- (2) The local career centre will in turn provide the list of prospective candidates to the employer for the benefit of both the employer and the job seekers.
- (3) The result of the selected candidates shall be reported within 15 days from the date of selection to the Career Centre (Regional/Local) in the prescribed form appended as FORM-XXII The above does not mean that candidate will be selected only from the list provided by the Career Centre (Regional/Local).
- (b) Persons recruited during the year ending 31<sup>st</sup> March of every year.
- (d) Vacancies for which suitable candidates were not available during the year ending on 31st March.
- (2) After commencement of this Code in the State or area thereof, the Employers in every establishment in Private Sector or every establishment pertaining to any class or category of establishment in private sector shall maintain record manually or electronically or digitally about
118 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
- (a) Total no of employees (Regular, Contractual, Fixed term employment, Trainees, Apprentices etc as defined in Code) on 31st March of every year.
-
- Declaration of the Executive Officer: The Director of Employment or an officer of his equivalent, controlling the work of Career Centre (Regional/Local) of the State, will declare in writing an Officer who is the Head of office/ Career Centre as Executive Officer for each Career Centre for the enforcement/implementation of Chapter XIII (Employment Information and Monitoring) of the Code. He shall be the officer who shall exercise the rights and perform duties referred to in Section 139 of the Code or authorize any person in writing to exercise those rights and perform duties.
(See rule 6 (1)) In the Employees, Insurance Court at. Applicant (add description and residence) Other Particulars of Application specified in rule 6 (1)................................................................................................................................................................................................................................................................
120 ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
Date .................................. Signature Place ..................................
FORM II
| | | Applicant | | opposite party | | Claim | | | | appearances | | | final | | | order | appeal | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | Date of presentation of application | No of proceedings | Name | Description | Place of residence | Particulars | Amount of value, if any | place of residence | particulars | amount or value, if any | when the cause of action accured | day of parties to appear | Applicant | opposite-party | date | for whom | | | Date of Decision of appeal, if any | jadgment in appeal, | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | |
122 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
Form-III
To (Give here name or description of the establishment with full address) (b)My husband's father/mother/parents is/are not dependent on my husband.
NOMINEE(S)
| Name in full with full address of nominee(s) | Relationship with the employee | Age of nominee | Proportion by which the gratuity will be shared | | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | | 1. 2. 3. 4. so on | | | |
STATEMENT
-
- Name Of The Employee in full.
-
- Sex.
-
- Religion.
-
- Whether unmarried/married/widow/widower.
-
- Department/branch/section where employed.
-
- Date of appointment
-
- Permanent address
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
123
Declaration by witness
Nomination signed/thumb-impressed before me Name in full and full address Of witness
- 1.
-
Certificate by the employer
Certified that the particulars that of the above nomination have been verified and recorded in the establishment. Designation Date name and the address of the establishment Or rubber stamp thereof.
Acknowledgment by the employee
Received the duplicate copy of nomination in form ‘III’ filed by me and duty certified by the employer . Date signature of the employee.
124 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
Form-IV
-
- I have excluded my husband from my family by a notice, dated the ..................... to the controlling authority in terms of the proviso to clause (h) of section 2 of the said act.
NOMINEE(S)
| Name in full with address of nominee(s) | Relationship with the employee | Age of nominee | Proportion by which the gratuity will be shared | | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | | | | | | | | | | | Manner of acquiring a ‘family’ (here give details as to how a family was acquired, i.e. whether by marriage or parents being rendered dependent or through other process like adoption.)
STATEMENT
-
- Name Of The Employee.
-
- Sex.
-
- Religion
-
- Whether unmarried/married/widow/widower
-
- Department/branch/section where employed Village ,thana ,sub-division Post office ,district ,state Place Date Fresh nomination signed/thum-impressed before me. Name in full and full address of witness. Signature of witnesses
-
-
-
CERTIFICATE BY THE EMPLOYER
Employer’s reference no., if any. Signature of the employer /officer authorised. Designation . Name and address of the establishment Or rubber stamp thereof. Received the duplicate copy of the nomination in form’IV’ filed by me on................... , duly certified by the employer. Date signature of the employee
FORM-V
To ................................................................................................................................................................................................................................................................ [Give here name or description of the establishment with full address]
STATEMENT
-
- Name of employee in full.
-
- Sex.
-
- Post held with Ticket or Serial No. if any
-
- Date of appointment.
-
- Address in full. Place Date
DECLARATION BY WITNESSES
Place Date
CERTIFICATE BY THE EMPLOYER
Certified that the above modification have been recorded. Employer’s Reference No., if any. Signature of the employer/ officer authorised Designation Name and address of the Establishment or rubber stamp thereof.
ACKNOWLEDGMENT BY THE EMPLOYEE
Received the duplicate copy of the notice for modification in Form 'V' filed by me on..............duly certified by the employer. Note
128 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
FORM-VI
[(See Rule 11(1))]
Application for Gratuity by an Employee/Nominee/Legal Heir
(Strike out the words not applicable) To,................................................................................................................................................................................................................................................................ (Give here name or description of the establishment with full address) Sir/Madam,
- (a) my superannuation/retirement/resignation after completion of not less than five years of continuous service/total disability due to accident/total disability due to disease/ on termination of contract period under fixed term employment with effect from the....................or;
- (b) death of the aforesaid employee while in service/superannuation on..............after completion of.............years of service/total disablement of the aforesaid employee due to accident or disease while in service with effect from the............. or;
- (c)death of aforesaid employee of your establishment while in service/superannuation on...................................(date) without making any nomination after completion of ....................years of service/total disablement of the aforesaid employee due to accident or disease while in service with effect from................................... Necessary particulars relating to my appointment are given in the statement below.
- b. Address in full of employee or
- c. Relationship of nominee/legal heir with the employee
- f. Reference No. of recorded nomination if available
ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
129
-
- Department/Branch/Section where last employed
-
- Post held by employee.
-
- Date and cause of termination of service
-
- Total period of service of the employee Yours faithfully, Signature/Thumb-impression of the applicant employee/nominee/legal heir. Date:
130 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
[SEE SUB-RULE (2) OF RULE-11]
APPLICATION FOR GRATUITY BY A NOMINEE
To
STATEMENT
-
- Name of applicant nominee.
-
- Address in full of the applicant nominee.
-
- Marital status of the applicant nominee (unmarried/married/widow/widower)
-
- Name in full of the employee.
-
- Marital status of employee.
-
- Relationship of the nominee with employee.
-
- Total period of service of the employee.
-
- Total wages last drawn by the employee.
-
- Date of death and evidence/witness as proof of death of the employee.
-
- Total gratuity claimed.
-
- Share of gratuity claimed.
-
- I declare that the particulars mentioned in the above statement are true and correct to the best of my knowledge and belief.
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
131
FORM VI-B
APPLICATION FOR GRATUITY BY A LEGAL HEIR
To [Give here name or description of the establishment with full address] I beg to apply for payment of gratuity to which I am entitled under subsection (1) of section 53 of the code on Social security 2020 as a legal heir of late.....................................................[Name of the employee] who was an employee of your ...................................... establishment and died on the.....................................................without making any nomination. The gratuity is payable on account of the death of the aforesaid employee while in service/superannuation of the aforesaid employee on the..................................................... retirement or resignation of the aforesaid employee on the..................................................... after completion of ........................................years of service/total disablement of the aforesaid employee due to accident or disease while in service with effect from the.....................................................Necessary particulars relating to my claim given in the statement below:
STATEMENT
-
- Address in full of the applicant legal heir.
-
- Marital status of the applicant legal heir (unmarried/married/widow/widower)
-
- Relationship of the applicant with employee.
-
- Religion of both the applicant and the employee.
-
- Department /Branch/Section where the employee worked last.
-
- Total wages last drawn by the employee.
-
- Total gratuity payable to employee.
-
- Percentage of the gratuity claimed.
-
- Basis of the claim and evidence/witness in support thereof
-
- I declare that the particulars mentioned in the above statement are true and correct to the best of my knowledge and belief.
-
- Payment may please be made in cash/crossed or open bank cheque. Yours faithfully, Place Signature/Thumb impression of Date applicant employee the
Notice for Payment/Rejecting claim of Gratuity
(Strike out the words not applicable) To, (Name and address of the applicant employee/nominee legal heir) You are hereby informed that
- (a) *as required under sub-clause (ii) of clause (a) of sub-rule (2) of rule 12 of the Code on Social Security (Jharkhand) Rules, 2021, that your claim for payments of gratuity as indicated on your application in Form-.......... under the said rules is not admissible for the reasons stated below: Reasons (Here specify the reasons); or
- (c) Total period of service of the employee concerned: .....................years.....................months.
- (e) Proportion of the admissible gratuity payable in terms of nomination/as a legal heir: Place: Signature of the Employer/authorised officer Name or description of establishment or rubber stamp thereof
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
Application no …………………………………………………………………………………… Date............................................................................. Between [Name in full of the applicant with full address] and Date
- 2. Basis of claim: [Death / Superannuation / Retirement / Resignation / Disablement of employee].
-
- Marital status of the employee (unmarried/married/widow/widower)
-
- Name and address in full of the employer.
-
- Post held by the employee with Ticket or Serial No. if any [if known]
-
- Wages last drawn by the employee.
-
- If the employee is dead, date and cause thereof
-
- Evidence/witness in support of death of the employee.
-
- If a nominee, No. and date of recording of nomination with the employer.
-
- Evidence/witness in support of being a legal heir, if a legal heir.
-
- Percentage of gratuity payable to the applicant as a nominee/legal heir.
-
- Amount of gratuity claimed by the applicant. Signature of the applicant/Thumb Date
134 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
FORM-IX
[[See Rule 15 (a) and 18]] Notice for Appearance before the Competent Authority/Summon (Strike out the words not applicable) (Name and address of the employer/applicant) Whereas Shri....................................an employee under you/a nominee(s)/ legal heir(s) of Shri....................................an employee under the above-mentioned employer, has/have filed an application under sub-rule...................of rule...................of the Code on Social Security (Jharkhand) Rules, 2021 alleging that ...................(A copy of the said application is enclosed, if, summons is issued then copy of application is not required) Now, therefore, you are hereby called upon/summoned to appear before the Competent Authority at...........................(place) either personally or through a person duly authorized in this behalf for the purpose of answering all material questions relating to the application on the...................day of ...................20...........at...................’O’ clock in the forenoon/afternoon in support of/ tp answer the allegation; and as the day fixed for your appearance is appointed for final disposal of the application, you must be prepared to produce on that day all the witnesses upon whose evidence, and the documents upon which you intend to rely in support of your allegation/defence.
- 1.
-
-
- so on Given under my hand and seal, this.....................day of.....................20..................... Competent Authority Note:1. Strike out the words and paragraphs not applicable.
FORM – X
[(See Rule 22) (8)] Whereas a notice was given to you on .........................requiring you to make payment of Rs.................... to Shri/Smt./Kumari............................as gratuity under the Code on Social Security, 2020. that the said Shri/Smt./Kumari............................... is entitled to a payment of Rs................... as gratuity under the Code on Social Security, 2020; or Whereas you/the applicant went in appeal before the appellate authority, who has decided that an amount of Rs.................... .... is due to be paid to Shri/Smt./Kumari............................as gratuity due under the Code on Social Security, 2020. Now, therefore, I hereby direct you to pay the said sum of Rs. .........................to Shri/Smt./Kumari ......................... within thirty days of the receipt of this notice with an intimation thereof to me. Copy to:
-
- The Applicant- He is advised to contact the employer for collecting payment. [(See Rule 23)]
Application for Recovery of Gratuity
Application No. ______________ Date BETWEEN although I approached him for payment. Signature/Thumb-impression of applicant. Place: [^]
(Notice Book of the Accidents)
(See rule 29)
Name of the Establishment.................. Nature of Business ........................................................................ Name of the employer/occupier.................... Accident Report Details
| Date of accidents | Short detail of Accident | Name of the injured person | Whether accident result in death | Whether accident result in total disablement | Whether accident result in partial disablement | Whether accident result in Temporary disablement | Amount of Compensation paid to employee or his dependent | Amount of Compensation deposited to Competent Authority | Date of payment or deposit of Compensation | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | | | | | | | | | | | | Sir,
-
- I have the honour to submit the following statement of an accident which occurred in (date), at (here enter details of premises) and which resulted in the death of the employee/employees of whom particulars are given in the statement annexed.
-
- The circumstances relating to the death of the employee/employees were as under: -
- (a) Time of accident.
-
- The establishment is not responsible for payment of compensation due to reasons mentioned below.……………………………………………………………. ………………………………………………………………………………………… (Signature and designation of person making the statement)
FORM XIV
It is hereby submitted that on the .................... day of .................. 20...... personal injury was caused to ......................... residing at by accident arising out of and in the course of his employment in ..................... The said injury has resulted in permanent disablement to the said workman of the following nature, namely:- The said employee’s monthly wages are estimated at Rs. ........................................ The employee is over the age of 15 years will reach the age of 15 years on ........................................ . The said employee has, prior to the date of the agreement, received the following payments, namely: -- Rs. ........................................................................ on ........................................................................ Rs. ........................................................................ on ........................................................................ Rs. ........................................................................ on ........................................................................ Rs. ........................................................................ on ........................................................................ Rs. ........................................................................ on ........................................................................ Rs ........................................................................ on ........................................................................ It is further submitted that the employer of the said employee has agreed to pay, and the said employee has agreed to accept, the sum of Rs. ………………… in full settlement of all and every claim under the Code on Social Security, 2020 in receipt of the disablement stated above and all disablement now manifest. It is therefore requested that this memorandum be duly recorded. Dated ........................................20........... Witness Note- Application to register an agreement can be presented under signature of one party: provided that the other party has agreed to the terms. But both signatures should be appended, whenever possible. Dated .....................20.... .
140 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बृधवार, 4 अगस्त, 2021
Memorandum of Agreement
It is hereby submitted that on the _______________ day of _______________ 20 _______________ personal injury was caused to _______________ residing at _______________ by accident arising out of said in the course of employment in _______________ . The said injury has resulted in temporary disablement to the said employee, who is at present in receipt of wages amounting to Rs. _______________ per month/no wages. Witness Signature of employee Witness Receipt (to be filled in when the money has actually been paid).
141
(See Rule 32) It is hereby submitted that on the .................... day of .................. 20..... personal injury was caused to ....................... residing at by accident arising out of and in the course of his employment in ..................... The said injury has resulted in death to the said workman. The said employee’s monthly wages are estimated at Rs. ........................................ The employee is over the age of 15 years will reach the age of 15 years on ........................................ . The said employee has, prior to the date of the agreement, received the following payments, namely: -- Rs. ................................................ on ................................................ Rs. ................................................ on ................................................ It is further submitted that the employer of the said employee has agreed to pay, and dependent (s) of the said employee has agreed to accept, the sum of Rs. ...................... in full settlement of all and every claim under the Code on Social Security, 2020 in receipt of death stated above. It is therefore requested that this memorandum be duly recorded. Dated ........................................20........... Signature of employer Witness Signature or dependant(s) Dependant(s) The money has been paid and this receipt signed in my presence. (See Rule 33(1)) Dated .....................20 ........ Competent Authority
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
| S.No. | Date of agreement | Date of registration | Employer | Employee | Initial of Competent Authority | Reference to orders rectifying the register | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | | |
FORM-XVII
[(See Rule 52 (1) (a)]
REGISTER OF WOMEN EMPLOYEES
Name of establishment
- 2. Name of woman and her father’s (or, if married, husband’s) name.
-
- Nature of work.
-
- Dates with month and year in which she is employed, laid off and not employed. | Month | No. of days employed | No. of days laid off | No. of days not employed | Remark | | --- | --- | --- | --- | --- | | a | b | c | d | e | | | | | | |
-
- Date of discharge/dismissal, if any.
-
- Date of production of proof of illness referred to in section 65.
-
- Date with amount of maternity benefit paid in advance of expected delivery
-
- Date with the amount of wages paid on account of leave under section 65 (2) and period of leave granted.
-
- Name of the person nominated by the woman under section 62.
-
- If the woman dies, the date of her death, the name of the person to whom maternity benefits and/or other amount was paid, the amount thereof, and the date of payment.
-
- Signature of the employer of the establishment authenticating the entries in the register of women employees.
145
House No./Flat No------------------- Street No./Plot No------------------- Town------------------------ District ------------------------ State ------------------------ Pin Code ------------------------ Town-------------------District-------------------State-------------------Pin Code-------------------E-mail ID------------------- -------------------Telephone Number-------------------Mobile Number-------------------
- (c) Name of the manager or person responsible for supervision and control of establishment ----------------------------- Address : S. No. Name Registration if yes (Registration No.) Table Image
| S.No. | Name | Registration | | | --- | --- | --- | --- | | | | ⅓ | If yes (Registration No.) | | 01- | The Code on Occupational Safety Health and working. | | | | 02- | The Code on Social Security 2020. | | | | 03- | Any other Law for the time being in force. | | |
146 ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
03. C. Details of Employer, Contractor Contract Labour :
| 01- | Name of the employer in the case of a contactor’s establishment. | | | --- | --- | --- | | 02- | Date of commencement of the establishment. | | | 03- | Number of Contactors engaged in the establishment during the year. | | | 04- | Total Number of days during the year on which Contract Labour was emp. | | | 05- | Total Number of man-days worked by Contract Labour during the year. | | | 06- | Name of the Manager or Agent (in case of mines). | | | 07- | Address : House No./Flat No------------------------ Street No./Plot No-------- Town------------------------------ District ---------------- State----------------- Pin Code-------------- --E-mail ID----------------------------- Telephone Number---------------------- Mobile Number------------------------ | |
D. Working hours and weekly rest day :
| 01- | Number of days worked during the year. | | --- | --- | | 02- | Number of man days worked during the year. | | 03- | Daily hours of work. | | 04- | Weekly day of rest. | | Si. no. | Male | Females | Adolescents (between the age of 14 to 18 years.) | Children (below 14 years of age.) | Total | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | |
F. Wage rates (Category Wise) :
| Category | Rates of Wages | No. of workers | | | --- | --- | --- | --- | | | | Regular | Contract | | | Male | | | | Female | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | Male | Female | Children | Adolescent | Male | Female | Children | Adolescent | | Highly | | | | | | | | | | Skilled | | | | | | | | | | Skilled | | | | | | | | | | Semiskilled | | | | | | | | | | Unskilled | | | | | | | | | | Gross Wages paid | Deductions | | | | Net wages paid | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | In cash | In kind | Fines | Deductions for damage or loss | Others | In cash | In kind | | | | | | | | |
(b) Number of workers who granted leave with wages during the year :
| Si. No. | During the year | Number of workers | Granted with wages | | --- | --- | --- | --- | | | | | |
H. Details of various welfare amenities provided under the statutory scheme :
| Si. No. | Nature of various welfare amenities provided | Statutory (specify the statute) | | --- | --- | --- | | | | |
I. Maternity Benefit under the Code on Social Security, 2020
(a) Details of establishment, medical and Para- medical staff :
| 01- | Date of opening of establishment | | | --- | --- | --- | | 02- | Date of closing, if close | | | 03 | Name of Medical Officer | |
148 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
| 031ai½ | Qualification of Medical Officer | | | --- | --- | --- | | 031aii½ | Is Medical Officer at (the mines or circus) ? | | | 031aiii½ | If a part time, how often does he/she pay visit to establishment ? | | | 031aiv½ | Is there any Hospital ? | | | 031av½ | If so, how many beds are provided ? | | | 031avi½ | Is there, a lady Doctor ? | | | 031avii½ | If so, what is her qualification ? | | | 031aviii½ | Is there a qualified mid-wife ? | | | 031aix½ | Has any crèche been provided ? | |
(b) Leave Granted under the Code on Social Security, 2020
| 01- | Total number of female employees in the establishment | | --- | --- | | 02- | Total number days of leave granted | | 03- | Number of employees granted maternity leave/benefited by ESI |
Declaration
Sign. Here
Form XIX
[See rule-53(1)]
NOTICE FOR UNDER SUB-SECTION (1) OF SECTION 56 FOR COMPOSITION OF OFFENCE
- (3) As per provisions of sub-section (1) of Section 56 read, you are hereby given notice to the effect that if you are willing to apply for composition of offence, you may apply for composition by submitting the application along with deposit of Rupees ………… /- through treasury challan or electronically on the departmental portal of Labour Commissioner. The details of which are given below.-
- (i) Treasury Head Or
- (ii) Flow chart of electronic payment.-............................................................................... ........................................................................................................................................ ........................................................................................................................................ (Signature) Name and designation of the Officer..........................
150 ड्जारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
Form XX
[See rule-53(2)] So please accept my application and close the proceeding under the Code. Dated: Enclosure: The Treasury Challan/Payment receipt of electronic Payment.
- (1)Name of the establishment:...........................................................................
- (2)Address of Establishment :...........................................
FORM-XXI
(Separate forms to be used for each type of posts) Particulars of the employer, indenting officer, and vacancy details
| 1 | Particulars of the employer: Name: Address with pin code: Telephone No.: Mobile No.: Email address: Name & Type of Establishment (Central Government, State Government, PSU, Autonomous, Private, etc) Registration No of establishment under Code: Economic activity details: | | | --- | --- | --- | | 2. | Particulars of the indenting Officer: Name: Designation: Telephone No.: Mobile No.: Email address: | | | 3. | Particulars of vacancy(ies): (a) Designation/nomenclature of the vacancy(ies) to be filled (b) Description of duties of the post (job role/functional role) (c) Qualifications/Skills required (educational, technical, experience) | | | | Essential | Desirable/Preferable | | | (i) Educational Qualifications (ii) Technical Qualifications (iii) Skills (iv) Experience | | | | (d) Age Limits, if any (Age as on last date of application) | | | | (e) Preferences (such as Ex-servicemen, persons with disabilities, women, etc) if any | | | | (f) Duration of employment | | | | (i) 3-6 months (ii) 6-12 months (iii) 12 months and more | Number of posts | | 4. | Whether there is any obligation for arrangement for giving reservation/ preference to any category of persons such as Scheduled Caste(SC), Scheduled Tribe(ST), Economically Weaker Sections(EWS), Other Backward Classes(OBC), Ex-serviceman and persons with disabilities (pwd), etc, in filling up the vacancies: Yes/No (if yes, give the number of vacancies to be filled by such categories of persons as detailed below) | | | 5. | Category | Number of vacancies to be filled | | | (a) Scheduled Caste | Total *By Priority candidates *(Applicable for |
152
ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
(b) ScheduledTribe (c) OBC (d) EWS (e) Ex-Serviceman (f) Persons with disabilities(pwd) (g) women (h) Others(specify)
| 6. Pay and Allowances: For Government vacancies: Mention pay level/pay scale of the post with basic pay/pay per month with other details if any For others: Mention minimum total emoluments per month with other details, if any. | | | | --- | --- | --- | | 7. Place of work(Name of the town/village and district, pin code, etc. in which it is situated) | | | | 8. Mode of Application(email, online, in writing, etc) and Last date for receipt of applications. | | | | 9. Particulars of officer to whom the applications be sent/candidates should approach (Mention Name, designation, email id, address, telephone No., website address in case of online) | | | | 10. Mode of Recruitment {Through Career Centre, Placement Agency, self-management, any other mode(specify)} | | | | 11. Would like to prefer submission of list of eligible candidates registered with Career Centre | Yes/No | | 12. Any other relevant information | | | | 13. Name, address, email id of the Career Centre | | | | 14. Date of receipt of Vacancies | | | | 15. NIC Code of the establishment/ | | | | 16. NCO Code of the post | | | | 17. Unique Vacancy ID(number) | | | | Government Central vacancies) | | | Signature, Name& Designation of Authorised Signatory of Career Centre with seal & date
- 2. An
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Establishment / Company Name : - Address : - Phone no. : - Email ID :- Unique Vacancy Reporting No. : - Name of the Post :: - Date of Submission of Vacancy :- | Number of candidates Sponsored by career centre | Number of candidates invited for interview/ test | | Number of candidates participated in interview / test invited for interview/ test | | No. of finally selected candidates | Remark | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | From Career Centre | From other source | From Career Centre | From other source | | | | | | | | | | | | Sl. No. | Candidate Name | Registration no. of the career centre | Mobile no. | Date of Joining | Remark | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | | | | | | | Signature of the Employer (with Seal) : - Designation :- Place :- Date :
155
FORM-XXIII
(See rule 60)
Form EIR (Employment Information Return)
Half Yearly Return to be submitted to the Regional /Local career Centre for the Half Year ended as on 30th September/31st March The following information is required to be submitted under the Jharkhand Employment Information Monitoring Rule 2021 as per social security code 2020. 1. (a) EMPLOYMENT Total number of manpower of establishment including working proprietors /partners/contingent paid and contractual workers or out-sourced workers through vendor or third party payroll excluding part – time workers and apprentices. (The figures should include every person whose wage, salary or remuneration is paid).
| Name & Address of the Employer | | | --- | --- | | Whether – head Office | | | Branch Office | | | Type of Establishment (Government/Public Sector/Local bodies /Private Sector) | | | Nature of business/Principal Activity | | | Establishment Registration No. under the Code | | | Category | On the last working day of the previous half Year | On the last working day of the Half Year under port | | MEN | | | | WOMEN | | | | Others (Transgender) | | | | Total: | | | | PWD (Persons With disabilities) Out of above total | | | 2. Number of Vacancies occurred and reported to regional/local Career During the half Year and the number of Vacancy filled during the half year*
| Occurred | Reported | | Filled | Source (Career Centre / NCS PORTAL/ Govt. Recruiting Agencies/ Private Placement Organisations/Others) | | --- | --- | --- | --- | --- | | | Career Centre (Regional / local) | Career Centre (Central) | | | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | As Per Provisions of Code on Social Security, 2020 (Chapter XIII) and Rules made there under,
3. MANPOWER SHORTAGES:
Vacancies /posts remained unfilled because of shortage of suitable applicants. Number of unfilled Vacancies/ posts
| Name of the occupation or designation of the post | Skill/ Qualification (Educational/Technical/ Experience) Prescribed | | | | --- | --- | --- | --- | | | Essential | Desirable | | 1 | 2 | 3 | 4 | | | | | | (Please list any other occupation also for which this establishment had any difficulty in obtaining suitable applicants recently.) Number of employees:
| Occupation | Number of employees: Please give as far as possible approximate number of vacancies in each occupation you are likely to fill during the next half year due to retirement/expansion or re-organization. | | --- | --- |
झारखण्ड गजट (असाधारण) बुधवार, 4 अगस्त, 2021
157
| Description | Men | Women | Others (transgender) | Total | PWD (persons with disabilities out of total) | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | | Total: | | | | | | *in the column (description) – use exact terms such as Engineer (Mechanical), Assistant Director (Metallurgist); Research Officer (Economist); Supervisor (Tailoring), Inspector (Sanitary), Superintendent (Office), Manager (sales), Manager (Accounts), Executive (Marketing), Data Entry Operator………………so on. Signature, Name & Designation of Authorized Signatory To, The Career Centre In charge, ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• Note:- ड्डारखण्ड राज्यपाल के आदेश से,
ड़ारखण्ड राजकीय मुद्रणालय, राँची द्वारा प्रकाशित एवं मुद्रित, ड़ारखण्ड गजट (असाधारण) 394 -- 50
